NBT रिपोर्ट: पिछले छह सालों में REITs ( रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट ) और InvITs ( इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट ) जैसे निवेश के नए तरीकों ने शेयर बाजार और FD जैसे पारंपरिक रास्तों को पीछे छोड़ दिया है।
Alt Capital के आंकड़ों के मुताबिक, लंबे समय के निवेश के मामले में निफ्टी REIT-InvIT इंडेक्स ने इक्विटी और फिक्स्ड इनकम (FD) को पछाड़ दिया है। 1 जुलाई 2019 से मार्च 2026 के बीच, इस इंडेक्स ने सालाना 12% का रिटर्न दिया। इसकी तुलना में निफ्टी-50 ने 11.1%, डेट फंड्स ने 7.5% और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) ने 6.5% का रिटर्न दिया है।
क्यों बना आकर्षण? : Waterfield अडवाइजर्स के एमडी विवेक राजारमन ने ET को बताया कि पिछले 18 महीनों से शेयर बाजार एक दायरे में सिमटा हुआ है। इसकी वजह से निवेशक इन नए विकल्पों की ओर खिंचे चले आए हैं। इनका शेयर बाजार या दूसरे निवेशों से सीधा लेना-देना नहीं होता, इसलिए जोखिम कम रहता है।
टैक्स के नियम? : सेज कैपिटल के संस्थापक निखिल गुप्ता के मुताबिक, इनमें होने वाले मुनाफे (कैपिटल गेन्स) पर शेयरों की तरह ही टैक्स लगता है।
क्या हैं REITs, InvITs? : REITs और InvITs ऐसी कंपनियां होती हैं जिनके पास ऑफिस, मॉल, सड़कें और बिजली नेटवर्क जैसी संपत्ति होती है जिससे कमाई होती है। ये कंपनियां अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा निवेशकों में बांट देती हैं। इन्हें शेयरों की तरह ही बाजार में खरीदा और बेचा जा सकता है। इन कंपनियों को अपनी कमाई का कम से कम 90% हिस्सा निवेशकों को देना पड़ता है, जिससे निवेशकों को हर तीन या छह महीने में तय आमदनी होती रहती है।
क्या करें निवेशक? : नियो अल्टरनेटिव असेट मैनेजर्स के अभिषेक गोयल का कहना है कि इनमें निवेश करने से पहले निवेशकों को कंपनी के ट्रैक रिकॉर्ड और आगे की योजनाओं पर ध्यान देना चाहिए। कुणाल मोक्तान का मानना है कि अगर कोई निवेशक इन्हें 4 साल तक अपने पास रखता है, तो उसे सालाना 12 से 15% तक का फायदा मिल सकता है।

