n NBT न्यूज, गुड़गांव
गवर्नमेंट स्कूलों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को अब सिर्फ किताबी ज्ञान ही नहीं बल्कि जीवन जीने की व्यवहारिक समझ भी दी जाएगी। इसके तहत डॉक्टर स्कूलों में जाकर बच्चों को लाइफ स्किल्स और हेल्थ से जुड़े जरूरी विषयों पर मार्गदर्शन देंगे। इस पहल के तहत सीनियर सेकेंडरी के स्टूडेंट्स को संतुलित आहार, स्वच्छ पानी पीने की आदत, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और व्यक्तिगत स्वच्छता जैसे विषयों पर जानकारी दी जाएगी। साथ ही मानसिक तनाव से बचाव, मोबाइल के सीमित उपयोग और समय प्रबंधन के महत्व पर भी विशेष सत्र आयोजित होंगे। इस योजना की खास बात यह है कि छात्र जो कुछ स्कूल में सीखेंगे, उसे अपने घरों में भी साझा करेंगे। इससे अभिभावकों और परिवार के अन्य सदस्यों में भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और पूरे परिवार में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। स्कूलों में इसके लिए समय सारणी तैयार की जा रही है, ताकि डॉक्टरों के नियमित सत्र आयोजित किए जा सकें।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इसे किसी अनिवार्य विषय की तरह लागू नहीं किया जाएगा बल्कि एक जागरूकता अभियान के रूप में चलाया जाएगा ताकि छात्रों पर अतिरिक्त शैक्षणिक दबाव न पड़े। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बचपन और किशोरावस्था में सीखी गई अच्छी आदतें जीवनभर साथ रहती हैं। ऐसे में यह पहल न सिर्फ बच्चों को स्वस्थ बनाएगी, बल्कि समाज में भी सकारात्मक बदलाव लाने में मददगार साबित होगी। यह पहल शिक्षा के दायरे को किताबों से आगे बढ़ाकर जीवन कौशल तक ले जाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है, जिससे आने वाली पीढ़ी अधिक मजबूत बन सकेगी।



