‘लॉ ऐंड ऑर्डर संभालने के साथ इकॉनमी ग्रोथ में भी पुलिस का योगदान’

नवभारतटाइम्स.कॉम

यूपी पुलिस कानून व्यवस्था संभालने के साथ प्रदेश को माफिया और दंगा मुक्त बनाने में जुटी है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि पिछले नौ वर्षों में 2.20 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती हुई है। 2017 से पहले तीन हजार पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देने की क्षमता थी, अब 60 हजार सिपाहियों की एक साथ ट्रेनिंग हुई है।

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n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी पुलिस कानून-व्यवस्था दुरुस्त रखने के साथ प्रदेश को माफिया और दंगा मुक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है। उनके अनुसार 'कानून का राज' विकास की पहली गारंटी है, इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और देश-दुनिया से निवेश यूपी में आ रहा है। उन्होंने दावा किया कि अब प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करना संभव हुआ है।

नौ साल में 2.20 लाख नियुक्तियां : सीएम ने बताया कि पिछले नौ वर्षों में यूपी पुलिस में विभिन्न पदों पर 2.20 लाख से अधिक भर्तियां हुई हैं, जो कई राज्यों की कुल पुलिस संख्या के बराबर है। उन्होंने कहा कि रविवार को प्रदेश के 112 केंद्रों पर 60 हजार आरक्षियों की दीक्षांत परेड हुई, जिससे एक साथ बड़ी संख्या में सिपाही बल में शामिल हुए।

नहीं थी ट्रेनिंग की व्यवस्था : योगी ने कहा कि 2017 से पहले एक बार में केवल तीन हजार पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देने की क्षमता थी, जबकि 2025 में 60,244 सिपाहियों की ट्रेनिंग एक साथ कराई गई। पासिंग आउट के बाद ये सिपाही जिलों में ड्यूटी के लिए रवाना हो रहे हैं और उन्हीं केंद्रों पर दूरसंचार विभाग के चयनित अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण शुरू होगा।

अवस्थापना सुविधाओं में वृद्धि : उन्होंने पुलिस अवस्थापना सुविधाओं में सुधार का उल्लेख किया—पहले 10 जिलों में पुलिस लाइन नहीं थी, कई थानों के भवन नहीं थे; अब 55 जिलों में हाईराइज बैरक व आवास, मॉडल थाने और नए फायर स्टेशन बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूपी ने 500 से अधिक कुशल खिलाड़ियों को पुलिस में शामिल किया, जिससे खेल प्रतियोगिताओं में अधिक पदक मिलते हैं।

दूरसंचार बल ने की नई प्रगति : सीएम ने दूरसंचार बल को स्मार्ट पुलिसिंग का अहम आधार बताते हुए कहा कि यह वॉकी-टॉकी से आगे बढ़कर नई तकनीकी प्रगति कर चुका है और आठ महीने की ट्रेनिंग में इसकी भूमिका समझने का अवसर मिलेगा।