n NBT रिपोर्ट, नोएडा
नोएडा अथॉरिटी और बिल्डरों की सांठगांठ से सरकार को होने वाले राजस्व नुकसान और होम बायर्स की अंतहीन पीड़ा पर अब शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों को नजरअंदाज करने वाले 8 बड़े बिल्डरों के खिलाफ अथॉरिटी ने 'कार्रवाई का कोड़ा' चलाने की तैयारी कर ली है। इन बिल्डरों से 2000 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया वसूलने के लिए प्राधिकरण इनकी अनसोल्ड इन्वेंट्री (बिना बिके फ्लैट) और अन्य संपत्तियों को जब्त कर उनकी नीलामी करेगा।
अमिताभ कांत समिति की रिपोर्ट और बकाया का गणित नोएडा में कुल 57 बिल्डर प्रॉजेक्ट्स पर लगभग 28 हजार करोड़ रुपये का बकाया है। शासन ने होम बायर्स को राहत देने और बकाया वसूली के लिए अमिताभ कांत समिति का गठन किया था। इसके तहत बिल्डरों को अपने अधूरे प्रॉजेक्ट्स पूरे करने और रजिस्ट्री शुरू कराने के लिए कुल बकाया का 25 प्रतिशत जमा करने की छूट दी गई थी।
प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार:
n 22 बिल्डरों ने कुल बकाया का 25 प्रतिशत हिस्सा जमा कर दिया है।
n 14 बिल्डरों ने सहमति तो दी, लेकिन अब तक पैसा जमा नहीं किया।
n 15 बिल्डरों ने आंशिक रूप से कुछ धनराशि जमा की है।
n 8 बिल्डर ऐसे हैं जिन्होंने न तो पैसा जमा किया और न ही कोई सहमति जताई।
इन 8 बिल्डरों पर गिरेगी गाज : पहले चरण में जिन आठ बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई होने जा रही है, उन्हें केवल 251.40 करोड़ रुपये जमा करने थे, जिससे 533 खरीदारों की रजिस्ट्री का रास्ता साफ हो जाता। यदि ये बिल्डर अपना कुल 1171.94 करोड़ का बकाया चुका देते, तो करीब 2123 बायर्स को मालिकाना हक मिल जाता।



