नए प्रेक्षागृह के मंच पर उतरा वंदे मातरम का शौर्य

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लखनऊ में हिंदी रंगमंच दिवस पर भारतेंदु नाट्य अकादमी में 'आनंद मठ' का मंचन हुआ। यह प्रस्तुति 'वंदे मातरम' गीत के 150 वर्ष पूरे होने पर समर्पित थी। नाटक में 18वीं सदी के बंगाल के अकाल और संन्यासियों के विद्रोह को दिखाया गया। संस्कृति मंत्री ने अकादमी के पुनर्विकसित भवन का निरीक्षण किया।

lucknow anand math staged at bhartendu natya academy on completion of 150 years of vande mataram cm to inaugurate

n NBT न्यूज,लखनऊ : हिंदी रंगमंच दिवस के अवसर पर गोमती नगर स्थित भारतेंदु नाट्य अकादमी (बीएनए) में कला और राष्ट्रभक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। शुक्रवार को अकादमी के राज बिसारिया थ्रस्ट प्रेक्षागृह में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास ' आनंद मठ ' का मंचन किया गया।

अकादमी के निदेशक बिपिन कुमार के निर्देशन में प्रस्तुत इस नाटक को ' वंदे मातरम ' गीत के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में तैयार किया गया है। नाटक में 18वीं शताब्दी के बंगाल में आए अकाल और उसके विरुद्ध संन्यासियों के 'संतान विद्रोह' को जीवंत किया गया। मंच पर राज श्रीराय चौधरी, आशुतोष, श्वेता और विदिशा ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

संस्कृति मंत्री ने लिया तैयारियों का जायजा: पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने शुक्रवार को अकादमी के पुनर्विकसित भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पुनर्विकसित अकादमी भवन का लोकार्पण करेंगे।