‘संस्कृति ही समाज की असली पहचान है’

नवभारतटाइम्स.कॉम

लखनऊ में विश्व हिंदी रंगमंच दिवस पर कलाकार मिलन समारोह हुआ। संस्था के सचिव विनोद मिश्र ने कहा कि संस्कृति समाज की पहचान है। मिथिलेश लखनवी, प्रदीप ‘अली’ और स्तुति अवस्थी ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। संगम बहुगुणा, नवीन श्रीवास्तव और राजेश जायसवाल को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

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n NBT न्यूज, लखनऊ : विश्व हिंदी रंगमंच दिवस के अवसर पर शुक्रवार को कलाकार असोसिएशन उत्तर प्रदेश द्वारा राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में 33वां कलाकार मिलन समारोह हुआ। मौके पर संस्था के सचिव विनोद मिश्र ने कहा कि संस्कृति ही समाज की असली पहचान है। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का दिल जीत लिया, जिसमें मिथिलेश लखनवी ने 'फूलों के रंग से', प्रदीप ‘अली’ ने 'यह हिंदुस्तान सबका है' और स्तुति अवस्थी ने 'ओ मेरे दिल के चैन' की शानदार प्रस्तुति दी। समारोह में संगम बहुगुणा, नवीन श्रीवास्तव और राजेश जायसवाल को सम्मानित किया गया।