n NBT रिपोर्ट, गुड़गांव
दिल्ली कापसहेड़ा बॉर्डर से सटे उद्योग विहार फेज-1 में शुक्रवार सुबह एक फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। बेसमेंट से शुरू हुई आग ने देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के वक्त सुबह की शिफ्ट चल रही थी और फैक्ट्री के अलग-अलग फ्लोर पर करीब 50 कर्मचारी काम कर रहे थे। आग लगने के दौरान दो महिला कर्मियों सहित पांच कर्मचारी फैक्ट्री के अंदर ही फंस गए। धुएं के बीच करीब आधे घंटे तक संघर्ष कर पुलिस और बचाव दल ने खिड़कियों के शीशे तोड़कर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।
जानकारी के अनुसार सुबह करीब 11:30 बजे बेसमेंट से आग की लपटें उठने लगीं। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, जहरीला धुआं पूरी बिल्डिंग में फैल गया। काफी कर्मचारी अलग अलग फ्लोर से बाहर निकल आए। हालांकि बेसमेंट और उसके ऊपरी फ्लोर पर काम कर रहे विपुल, सौरभ, मोहित, नूरजहां और तनूजा अंदर ही फंस गए। विजिबिलिटी शून्य होने के कारण उन्हें बाहर निकलने का रास्ता नहीं सूझ रहा था। इसी बीच सूचना मिलते ही पुलिस की इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल (ERV) और ट्रैफिक पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे। मुख्य रास्ता धुएं और आग की लपटों से घिरा था, जवानों ने खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए। पुलिसकर्मी अंदर दाखिल हुए और पांचों कर्मचारियों को एक-एक कर बाहर निकाला। कर्मचारियों को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। सभी को नजदीक के अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत स्थिर बताई और छुट्टी दे दी। जानकारी होने पर फायर ब्रिगेड की तीन-चार गाड़ियां मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि आग आसपास की अन्य फैक्ट्रियों तक नहीं फैली, वरना नुकसान काफी बड़ा हो सकता था।



