NBT रिपोर्ट, गुड़गांव
डीएलएफ फेज-3 थाना एरिया में गेस्ट हाउस के पास पीपल के पेड़ के नीचे कचरा जलाने से रोकने पर पूर्व प्रफेसर से अभद्रता का मामला आया है। JNU की पूर्व प्रफेसर अमिता सिंह की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना 30 मार्च की सुबह करीब 8:30 बजे की है। वॉक फॉर एनिमल्स एंड हैबिटेट (WAH) की प्रेजीडेंट अमिता सिंह ने बताया कि डीएलएफ फेज-3 स्थित गेस्ट हाउस संख्या U15/1 के पास एक केयर टेकर को पुराने पीपल के पेड़ के नीचे कचरा जलाते हुए देखा गया। आग इतनी तेज थी कि पेड़ की पत्तियां और टहनियां झुलसने लगी थीं। आरोप है कि जब उन्होंने उसे रोकने की कोशिश की तो आरोपी ने उनके साथ गाली-गलौज और बदतमीजी शुरू कर दी। आरोपी ने खुद को उत्तर प्रदेश का निवासी बताते हुए धौंस दी कि वह किसी से नहीं डरता। जिसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी पुलिस को दी और पुलिस को घटना से संबंधित फोटो व विडियो भी उपलब्ध कराए। अमिता सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में यह भी बताया कि कचरा जलाना पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986, वायु प्रदूषण अधिनियम 1981 तथा राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के नियमों के तहत प्रतिबंधित है। नगर निगम गुड़गांव भी इस पर रोक लगाने के आदेश जारी किए गए हैं। अमिता सिंह ने बताया कि एरिया में तमाम गेस्ट हाउस, ढाबे आदि हैं और उनसे निकलने वाले कचरे का निपटारा करने का उचित प्रबंध नहीं है। लाेग आए दिन कचरा जलाकर पर्यावरण का नुकसान पहुंचा रहे हैं।



