n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (FSDA) ने जांच में मानकों को पूरा न करने वाले प्रदेश के सात ब्लड बैंकों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इनमें चार ब्लड बैंक मुजफ्फरनगर जिले के हैं। जबकि, दो इटावा के और एक बरेली का है। एफएसडीए आयुक्त ने बंद करवाए गए ब्लड बैंकों पर उपलब्ध ब्लड और उसके घटकों को तत्काल सरकारी ब्लड बैंकों में स्थानांतरित करवाने के आदेश दिए हैं।
आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने इसके लिए अडवाइजरी जारी कर कहा है कि सीएमओ द्वारा जांच करवाने के बाद ही उक्त रक्त और रक्त घटकों का उपयोग मरीजों के लिए किया जाए। साथ ही दूषित रक्त और रक्त घटकों को नियमानुसार नष्ट करवाया जाए। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों एफएसडीए निदेशालय की टीम ने मुजफ्फरनगर, बरेली, इटावा, रायबरेली, मुरादाबाद, कुशीनगर, आगरा, जौनपुर, अमरोहा, बलरामपुर, बागपत और मैनपुरी में सोसाइटी और चेरिटेबल ट्रस्टों द्वारा संचालित ब्लड बैंकों का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान वहां मानक के अनुरूप टेस्टिंग, तकनीकी स्टाफ की मौजूदगी, उपकरण और उससे संबंधित दस्तावेज का गहनता से सत्यापन किया गया। इस निरीक्षण के दौरान मुजफ्फरनगर के चार ब्लड बैंक (जीवांश चैरिटेबल ब्लड सेंटर, सर्वोदया चैरिटेबल ब्लड सेंटर, एसडी मेडिकल इंस्टिट्यूट और दुर्गा चैरिटेबल ब्लड सेंटर), इटावा के दो सेंटर (अचिंत्य चैरिटेबल ब्लड सेंटर और मानव सेवा चैरिटेबल ब्लड सेंटर) और बरेली के लाइंस चैरिटेबल ब्लड सेंटर का मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। इन सातों ब्लड बैंकों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।



