n NBT न्यूज, ग्रेटर नोएडा
गौतमबुद्ध नगर बास्केटबॉल असोसिएशन के पदाधिकारियों के आपसी मतभेदों के कारण युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा प्रभावित हो रही है। प्रतापगढ़ में 5 से 8 अप्रैल तक आयोजित अंडर-19 राज्य स्तरीय जूनियर बास्केटबॉल चैंपियनशिप में जनपद की पुरुष टीम को भाग लेने से रोक दिया गया। अंडर-19 महिला टीम का भी यही हाल रहा। उत्तर प्रदेश बास्केटबॉल असोसिएशन ने जिला असोसिएशन के पेपर पर हस्ताक्षर न होने के कारण दोनों टीमों को प्रतियोगिता में शामिल नहीं किया। 12 सदस्यीय पुरुष टीम प्रतापगढ़ पहुंची थी, जबकि महिला टीम 11 से 14 अप्रैल को प्रयागराज में होने वाली जूनियर चैंपियनशिप के लिए चुनी गई थी। दोनों टीमें असोसिएशन की आंतरिक कलह और साइन न होने के कारण नहीं खेल पाईं। जिला बास्केटबॉल असोसिएशन ने मामले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया, जिसने इसे सुप्रीम कोर्ट भेज दिया। मामले की अब सोमवार को सुनवाई होगी।
नियमों के तहत चुनाव कराकर जानकारी दी : जिला बास्केटबॉल संघ की नई कार्यकारिणी को मान्यता न मिलने से गौतमबुद्ध नगर की अंडर-19 लड़कों की टीम राज्य जूनियर चैंपियनशिप से बाहर हो गई। जिला बास्केटबॉल असोसिएशन की महासचिव साक्षी चांद ने बताया कि गौतमबुद्ध नगर बास्केटबॉल असोसिएशन के चुनाव 24 मार्च को हुए थे। इसमें मौजूदा अध्यक्ष रहीम बाबा दोबारा चुने गए, जबकि साक्षी चांद को विक्रम दुग्गल की जगह महासचिव पद पर निर्वाचित किया गया। सभी कागजी औपचारिकताएं पहले ही पूरी कर ली गई थीं। 26 मार्च को नवनिर्वाचित कमिटी ने उत्तर प्रदेश बास्केटबॉल असोसिएशन को पत्र लिखकर नई टीम की जानकारी दी। 29 मार्च को राज्य जूनियर चैंपियनशिप के लिए टीम की एंट्री जमा की गई। 2 अप्रैल को उत्तर न मिलने पर रिमाइंडर भेजा गया। 3 अप्रैल को यूपी असोसिएशन ने शर्त रखी कि पूर्व पदाधिकारियों के हस्ताक्षर जरूरी होंगे। एलिजिबिलिटी फॉर्म पर पूर्व महासचिव विक्रम दुग्गल और अध्यक्ष रहीम बाबा दोनों के साइन की मांग की गई। इनके अभाव में टीम को प्रतियोगिता में भाग लेने से रोक दिया गया। आरोप है कि नई कार्यकारिणी बनने के बावजूद पुरानी कमिटी के हस्ताक्षर क्यों जरूरी हैं। खिलाड़ियों के भविष्य को देखते हुए पूर्व महासचिव विक्रम दुग्गल से कई बार फोन पर साइन करने की अपील की गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। वहीं, जिला बास्केटबॉल असोसिएशन के पूर्व जनरल सेकेट्री विक्रम दुग्गल ने बताया कि किसी भी संस्था व असोसिएशन का चुनाव करने के लिए रजिस्ट्रार कार्यालय से परमिशन लेनी होती है, जोकि नई कमिटी ने नहीं ली थी। साथ ही नई असोसिएशन बनाने से पहले टीम को उत्तर प्रदेश बास्केटबॉल असोसिएशन ने बुलाया था। ये लोग नहीं गए। उन्होंने बताया कि यूपी असोसिएशन की तरफ से नई कमिटी रजिस्टर्ड तक नहीं है। नई कमेटी ने प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए बालक वर्ग की टीम भेज दी, जिसको भेजने मना किया था। ऐसे में एक जनपद से दो टीम गई,जिनको खेलने की इजाजत नहीं मिली।







