NBT टीम, हरियाणा
हरियाणा में रबी सीजन में फसलों की खरीद के नए नियमों के विरोध में शनिवार को किसान संगठनों ने संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले कई जिलों में प्रदर्शन किया। किसानों ने करनाल, सोनीपत, रोहतक, भिवानी, पानीपत, कैथल, यमुनानगर और पंचकूला में प्रदर्शन किया। किसान शनिवार की सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक अनाज मंडियों और हाइवे पर बैठे। किसानों का कहना है कि गेहूं खरीद के नए नियम केवल किसानों को परेशान करने के लिए है।
हांसी में रामायण टोल पर किसानों ने कब्जा कर सभी लेन बंद करा दी है। मौके पर पहुंचे DSP से किसानों की बहस भी हुई। किसानों ने प्राइवेट बसों को टोल से ही वापस लौटा दिया। वहीं हिसार में नैशनल हाइवे पर जाम लगाने पहुंचे किसानों की पुलिस से नोकझोंक हुई। यहां रोडवेज बस सहित कई वाहन दो घंटे तक फंसे रहे। कुछ यात्री बस से उतरकर पैदल ही चल दिए। करनाल के असंध में 709-A और सोनीपत में रतनगढ़ गांव के सामने किसानों ने रास्ता बंद कर दिया। फतेहाबाद के रतिया में भी किसानों ने रास्ता जाम किया। यहां किसानों ने ऐंबुलेंस के लिए रास्ता छोड़ा था। निकलते समय ऐंबुलेंस साइड से ट्राली से टकरा गई। यमुनानगर में डीसी ऑफिस के नजदीक सड़क पर जाम लगा कर किसान बैठे। पानीपत में गोहाना रोहतक रोड पर किसानों ने धरना-प्रदर्शन किया।
जींद में गेहूं खरीद के नए नियमों को रदद करने की मांग को लेकर दिल्ली-पटियाला नेशनल हाइवे पर बीचों-बीच बैठकर किसानों ने रोड पर जाम लगाया किसानों ने कहा कि जिस तरह से तीन कृषि कानूनों को बीजेपी सरकार किसान हितैषी बताती थी, उसी तरह अब इन नियमो को भी बता रही है। फसल लाने वाले वाहन की नंबर प्लेट की जानकारी देनी जरूरी की गई है। बिना रजिस्ट्रेशन के वाहन को एंट्री नहीं मिल सकती। किसानों का कहना है कि अधिकांश ट्रैक्टर ऐसे हैं, जिन पर कोई नंबर प्लेट नहीं है।






