n NBT रिपोर्ट, नोएडा
सेक्टर-74 स्थित केपटाउन सोसायटी के टावर सीबी-वन में कृषि मंत्रालय से रिटायर्ड महिला अधिकारी के साथ में उनकी छोटी बहन (शहरी विकास मंत्रालय से रिटायर) और उनकी बेटी रहती हैं। युवती एमबीबीएस के लास्ट ईयर की छात्रा है। कृषि मंत्रालय से रिटायर्ड महिला अधिकारी के पास 6 अप्रैल की दोपहर अनजान नंबर से कॉल आई। कॉलर ने बताया कि उनके आधार कार्ड पर एक सिम खरीदी गई है। इसका इस्तेमाल दिल्ली में लाल किला के सामने ब्लास्ट के दौरान बातचीत के लिए किया गया है। साथ ही उन्हीं के आधार और पैन कार्ड से एक बैंक खाता खोला गया। इसमें पाकिस्तान से रकम भेजी गई है। यह रकम देश में आतंकी गतिविधियों में इस्तेमाल की गई है। आरोपी ने उन्हें एक फर्जी स्टेटमेंट भी वॉट्सऐप पर भेजा। इसके बाद ठगों ने पीड़िता, उनकी बेटी और उनकी बहन को डिजिटल अरेस्ट कर लिया।
आरोपी ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर जांच शुरू कर दी। दिल्ली हेडक्वॉर्टर से अरेस्ट वॉरंट भी दिखाया। जांच में मदद करने की बात कहकर उन्हें विडियो कॉल पर बने रहने को कहा। चौथे दिन आरोपी ने कहा कि बैंक खातों में जमा पैसे को वेरिफाई करने के लिए बताए गए अकाउंट में ट्रांसफर करना होगा। इसी बीच 10 अप्रैल को पड़ोसियों को तीन-चार दिन से फ्लैट में कोई आवाज या हलचल नहीं दिखी। पीड़िता की बहन ने फ्लैट की खिड़की से एक पड़ोसी को परेशानी में होने का इशारा किया। उन्हें शक हुआ तो उन्होंने एओए को सूचना दी। सूचना मिलते ही एओए अध्यक्ष प्रवीण भारद्वाज सिक्यॉरिटी ऑफिसर दिनेश दुबे के साथ मौके पर पहुंचे। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर जबदस्ती अंदर प्रवेश कर गए। इसके बाद सिक्यॉरिटी ऑफिसर दिनेश दुबे ने फोन डिस्कनेक्ट कराकर। तीनों को डिजिटल अरेस्ट से मुक्त कराया।







