पुराने विडियो के जरिये दंगा भड़काने की साज़िश

नवभारतटाइम्स.कॉम

आईएमटी मानेसर में श्रमिकों के प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर झूठी खबर फैलाने वाले एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एक पुराने वीडियो को हाल की घटना से जोड़कर महिला की मौत का दावा किया था। पुलिस ने इसे फर्जी बताया है। इस भ्रामक खबर से इलाके में भय का माहौल बना।

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n NBT रिपोर्ट, गुड़गांव

आईएमटी मानेसर में चल रहे श्रमिकों के प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक और झूठी खबर फैलाने वाले एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी उत्तर प्रदेश का बलिया निवासी शैलेंद्र है। उसने एक पुराने विडियो को हाल में हुए प्रदर्शन से जोड़कर यह दावा किया था कि पुलिस की लाठीचार्ज में एक महिला की मौत हो गई है। पुलिस ने साफ किया है कि विडियो पूरी तरह फर्जी है और इसका वर्तमान घटनाक्रम से कोई लेना-देना नहीं है।

पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम को फेसबुक पर एक विडियो मिला, जिसमें दावा किया गया था कि आईएमटी मानेसर प्रदर्शन के दौरान लाठी लगने से एक महिला की मौत हो गई है। जब पुलिस ने इस विडियो की सत्यता जांची, तो पाया कि यह काफी पुराना है और भ्रामक तरीके से प्रसारित किया जा रहा है। इस झूठी खबर के कारण एरिया में भय का माहौल पैदा हुआ और कानून व्यवस्था प्रभावित हुई। साइबर थाना मानेसर में केस दर्ज किया गया और शनिवार में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि शैलेंद्र ने जानबूझकर दंगा भड़काने की नीयत से विडियो को अपने फेसबुक अकाउंट पर साझा किया था। आरोपी ने भ्रामक तथ्यों के जरिये आमजन को उकसाने की कोशिश की थी। फिलहाल जांच जारी है। पुलिस ने लोगों को सचेत किया है कि किसी भी संवेदनशील मुद्दे पर बिना पुष्टि के विडियो या खबरें साझा न करें। भ्रामक जानकारी फैलाकर शांति व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ पुलिस भविष्य में भी कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगी।