माकपा का आरोप, SIR के आंकड़े अस्पष्ट

नवभारतटाइम्स.कॉम

माकपा ने उत्तर प्रदेश के मतदाता सूची के आंकड़ों पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि ड्राफ्ट सूची से लाखों नामों का मिलान नहीं हुआ था। तार्किक विसंगतियों के कारण कई नाम काटे गए थे, लेकिन अंतिम सूची में कितने नाम कटे, यह स्पष्ट नहीं है।

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nNBT रिपोर्ट, लखनऊ: भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यूपी के राज्य सचिव मंडल राज्य सचिव रविशंकर मिश्र ने यूपी के SIR के आंकड़ों पर असंतोष जताया है। उन्होंने बयान जारी कर कहा कि ड्राफ्ट लिस्ट में 2003 की सूची से करीब 1.4 करोड़ नामों का मिलान नहीं हुआ था। तार्किक विसंगतियों पर करीब 2.22 करोड़ नाम कटे थे, लेकिन चुनाव आयोग ने यह नहीं बताया कि फाइनल सूची में इनमें से कितने नाम कटे।

रविशंकर ने कहा कि ड्राफ्ट लिस्ट में 12,55,56,025 वोटर थे, जबकि फाइनल लिस्ट में 13,36,84,972 वोटर हैं। आयोग ने बताया कि 84,28,667 नए वोटर बढ़े हैं। इस तरह फाइलल लिस्ट में 13,39,84,972 वोटर होने चाहिए। इससे सवाल उठता है कि क्या जिन्हें नोटिस दिया गया, उनमें से किसी का नाम नहीं कटा।