nNBT रिपोर्ट, लखनऊ
शासन से बजट और मंजूरी के बावजूद चार वर्षों से वेंटिलेटर खरीद का प्रस्ताव फाइलों में धूल फांक रहा है। इसके लिए साल 2022 में टेंडर की प्रक्रिया तो शुरू हुई, लेकिन आज तक खरीद नहीं हो सकी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की बैठक में अफसरों की यह लापरवाही और लेटलतीफी सामने आयी। इस पर अपर मुख्य सचिव अमित घोष ने देरी के जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
नेशनल हेल्थ मिशन की बैठक में अपर मुख्य सचिव अमित घोष ने एनएचएम के तहत चल रही योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने मोतियाबिंद ऑपरेशन की जांच के लिए स्टेट लेवल कमिटी बनाने का निर्देश दिया। यह कमिटी हर 15 दिन पर अपनी रिपोर्ट ऑन लाइन अपलोड करेगी। ब्लड बैंकों को आधुनिक करने के साथ ही डे-केयर सेंटरों की स्थापना को लेकर बैठक में चर्चा हुई। इस पर अपर मुख्य सचिव ने 67 जनपदों में डे-केयर कैंसर सेंटर को लेकर जवाब मांगा। बैठक में एनएचएम की मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के डीजी डॉ. पवन कुमार अरुण, डीजी परिवार कल्याण डॉ. एचडी अग्रवाल और डीजी प्रशिक्षण डॉ. रंजना खरे समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।







