nNBT रिपोर्ट, लखनऊ: 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए समाजवादी पार्टी घर-घर जाकर ऐसे लोगों का ब्योरा जुटाएगी, जिनके नाम अब भी वोटर लिस्ट में नहीं जुड़े हैं। साथ ही इनके नाम लिस्ट में जुड़वाए जाएंगे। यही नहीं, पार्टी दूसरे इलाकों में शिफ्ट हो चुके लोगों के नाम वोटर लिस्ट से कटवाने का भी अभियान चलाएगी। इसके लिए सभी बूथ लेवल एजेंट ( बीएलए ) और बूथ कमिटियों को निर्देश दिए गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा फोकस उन बूथों पर होगा, जहां समाजवादी पार्टी की स्थिति मजबूत है।
प्रदेश में 4 नवंबर, 2025 को वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) शुरू हुआ था। तब सपा ने प्रदेश के 1.62 लाख में 1.60 लाख बूथों पर बूथ लेवल एजेंट तैनात किए थे। SIR के दौरान इसका असर भी देखने को मिला। पूरी प्रक्रिया के दौरान समाजवादी पार्टी की तरफ से बड़े पैमाने पर शिकायतें की गईं। SIR के बाद चुनाव आयोग ने शुक्रवार को फाइनल वोटर लिस्ट जारी की है, जिसमें करीब 13.40 करोड़ वोटरों के नाम हैं। इस तरह SIR के बाद यूपी में 2,04,45,300 वोटर कम हो गए हैं।
सपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के मुताबिक, हर बूथ कमिटी में 10 से 12 कार्यकर्ता शामिल हैं। इन्हें घर-घर जाकर सर्वे करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी पदाधिकारी के मुताबिक, अमूमन एक बूथ पर 900 से 1200 मतदाता होते हैं। अगर एक कार्यकर्ता 100 घरों में भी जाता है तो ऐसे लोगों को चिह्नित करने में आसानी होगी।
संभावित प्रत्याशियों को भी मिलेगा जिम्मा: वोटरों को जोड़ने के लिए पार्टी के सीनियर नेताओं के साथ संभावित प्रत्याशियों व पार्टी के पूर्व सांसद व विधायकों को भी लगाया जाएगा। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सभी पार्टी पदाधिकारियों को इसके दिए गए।







