श्रमिकों की बिना शर्त रिहाई के लिए किसान संगठनों ने किया प्रदर्शन

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वेतन बढ़ोतरी के बाद गिरफ्तार श्रमिकों की रिहाई न होने पर किसान संगठनों ने प्रदर्शन किया। ग्रेटर नोएडा में किसान सभा, किसान परिषद और किसान एकता संघ के कार्यकर्ताओं ने एडीसीपी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने जेल में बंद करीब 1200 मजदूरों की बिना शर्त रिहाई की मांग की।

farmers organizations protest demanding unconditional release of workers

n NBT न्यूज, ग्रेटर नोएडा

वेतन बढ़ोतरी के लिए हुए प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कई श्रमिकों को गिरफ्तार किया था। इनकी रिहाई न होने पर किसान संगठनों ने शुक्रवार को नारेबाजी की। ग्रेटर नोएडा के एडीसीपी सुधीर कुमार को किसान सभा, किसान परिषद व किसान एकता संघ के कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन दिया। जेल में बंद श्रमिकों को बिना शर्त रिहाई की मांग की।

 किसान सभा के जिलाध्यक्ष डॉ. रूपेश वर्मा ने बताया कि शुक्रवार सुबह पुलिस ने उन्हें और जिला बार असोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष उमेश भाटी को घर से निकलते ही रोक लिया। इसके बाद किसान सभा, किसान परिषद और किसान एकता संघ के कार्यकर्ता जेपी ग्रींस सोसायटी पहुंच गए। उन्होंने नर्मदा गेट पर पुलिस ने प्रवेश से रोक दिया, जिसके विरोध में अंदर मौजूद किसान भी गेट पर पहुंच गए। यहीं पर किसानों ने नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया। इसी बीच किसानों ने श्रमिकों के बिना शर्त रिहाई की मांग को लेकर एक ज्ञापन ग्रेटर नोएडा के एडीसीपी को सौंपा।

पूर्व बार अध्यक्ष उमेश भाटी ने बताया कि लगभग 1200 मजदूरों को जिला कारागार में निरुद्ध किया गया है। जेल में बंद श्रमिकों के परिजन उनकी तलाश में कचहरी और अन्य स्थानों पर भटक रहे हैं। यह स्थिति कानून के दुरुपयोग और मौलिक अधिकारों के खुले उल्लंघन को दर्शाती है। किसान परिषद के नेता उदल आर्य ने कहा कि गौतमबुद्ध नगर में पुलिस की तानाशाही ठीक नहीं, यहां आपातकाल जैसे हालात बना दिए हैं। किसान एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोरन प्रधान ने कहा कि शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन, ज्ञापन देना और प्रशासनिक अधिकारियों से मिलना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, जिसे यहां छीन लिया गया है। इस मौके पर अशोक भाटी, सुरेंद्र भाटी, देशराज चौहान, नितिन चौहान, सुरेंद्र सिंह पुंडीर, बाबा करतार, नरेश नगर, राहुल नगर, दिनेश शर्मा व अन्य लोग मौजूद रहे।