अब स्कूलों से भी उठेगी दहेज के खिलाफ आवाज़

नवभारतटाइम्स.कॉम

अब स्कूलों से भी दहेज के खिलाफ आवाज उठेगी। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 18 अप्रैल को एक खास पहल होगी। सुबह की प्रार्थना सभा को 'दहेज मुक्त समाज' के संदेश के नाम किया जाएगा। छात्र सामूहिक रूप से दहेज-प्रथा खत्म करने को लेकर शपथ लेंगे। समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प भी लेंगे।

voice against dowry to rise from schools children to take dowry free society pledge

n सोनिया, गुड़गांव : दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों के खिलाफ अब स्कूलों से भी आवाज उठेगी। छोटे-छोटे बच्चे अब मिलकर बड़ी सामाजिक कुरीति को खत्म करने का संदेश देंगे। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 18 अप्रैल को एक खास पहल होगी। जिसमें बच्चे न सिर्फ इस सामाजिक बुराई के बारे में जानेंगे बल्कि इसके खिलाफ खड़े होने की शपथ भी लेंगे।

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों और स्कूल हेड को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सुबह की प्रार्थना सभा को इस दिन ‘ दहेज मुक्त समाज ’ के संदेश के नाम किया जाए। इस दौरान छात्र सामूहिक रूप से दहेज-प्रथा खत्म करने को लेकर शपथ लेंगे। साथ ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प भी लेंगे। इस पहल को रोचक बनाने के लिए स्कूलों को सुझाव दिया गया है कि वे ऐसे लोगों को कार्यक्रम में बुलाएं, जिन्होंने बिना दहेज के शादी कर मिसाल पेश की है। उनकी कहानियां बच्चों को यह समझने में मदद करेंगी कि बिना दहेज भी खुशहाल जीवन संभव है। शिक्षक बच्चों से दहेज न लेने और न देने के बारे में बताएंगे।