कथक के रंगों में ढला धनुषयज्ञ प्रसंग

नवभारतटाइम्स.कॉम
dhanushyagya episode painted in kathak colors grand guru respect ceremony at bhatkhande university
n NBT न्यूज, लखनऊ

भातखंडे संस्कृत विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष समारोह की शृंखला में शुक्रवार को भातखंडे अल्मनाई असोसिएशन की ओर से गुरु सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर कला मंडपम में संगीत, नृत्य और सम्मान का संगम देखने को मिला। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मांडवी सिंह ने की।
मुख्य अतिथि उप विधान परिषद के प्रमुख सचिव डॉ. राजेश सिंह और विशिष्ट अतिथि समाजसेवी राजेश जायसवाल मंच पर उपस्थित रहे। समारोह विश्वविद्यालय के पूर्व शिक्षक पद्मभूषण डॉ. एसएन रतनजंकर की स्मृति को समर्पित रहा। मंच पर रेणु शर्मा के निर्देशन में नृत्य नाटिका पुष्प वाटिका प्रसंग ने ध्यान खींचा। मानस में वर्णित धनुषयज्ञ और कवित्त पर आधारित इस प्रस्तुति में कथक की मुद्राओं और भावों से राम कथा सजीव हो उठी। अंत में धनुष भंग के पश्चात मंगल भवन अमंगल हारी पर सीता-राम विवाह तक पूरी कथा कथक के माध्यम से दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत हुई। किशोर चतुर्वेदी के भजन गायन से कार्यक्रम का आगाज़ हुआ। अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरम् व राग दरबारी में आज मोरे पिया घर आएंगे सावन का मंगल गीत प्रस्तुत हुआ।

सम्मानित हुए गुरुजन

डॉ. पूर्णिमा पांडेय, अभिनव सिन्हा, लक्ष्मी श्रीवास्तव, पं. शीतल प्रसाद मिश्र, पं. रामेश्वर प्रसाद मिश्र, पंडित धर्मनाथ मिश्र, केके मिश्र, रविराज शंकर, रामचंद्र भट्ट, होली राम, प्रमोद कुमार मिश्र, पंडित रविनाथ मिश्र, सुरेश प्रसाद मिश्र, प्रो. नरेंद्र नाथ धर, डॉ. बीना सिंह, डॉ. मीरा दीक्षित, डॉ. मीरा सिन्हा, पंकज चौधरी, डॉ. रंजन द्विवेदी, डॉ. सुधांशु पांडे, अरुण भट्ट, डॉ. सीमा भारद्वाज, डॉ. कमलेश दुबे।