ज्ञान की उड़ान

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leonardo da vinci a confluence of art science and invention
15वीं सदी में इटली में पैदा हुए Leonardo da Vinci इतिहास के सबसे महान चित्रकार, वैज्ञानिक और विचारकों में गिने जाते हैं। उनकी मां कैटेरिना एक साधारण महिला थीं। जब बेटे का जन्म हुआ, तब कैटेरिना का विवाह लियोनार्दो के पिता पिएरो दा विंची के साथ नहीं हुआ था। इसलिए अपने अमीर पिता के बावजूद उन्हें उस समय के अभिजात बच्चों जैसी औपचारिक शिक्षा नहीं मिल सकी। हालांकि यही कमी आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गई। पेड़-पौधों से लेकर इंसान तक, पानी के बहाव से लेकर पक्षियों की उड़ान तक, हर चीज उन्हें आकर्षित करती थी। उन्होंने उड़ने वाली मशीनों के डिजाइन बनाए, जबकि उस समय इंसान के लिए उड़ना कल्पना से अधिक कुछ नहीं था। उनके विचारों में ऐसे डिजाइन भी थे, जिनमें आगे चलकर पैराशूट, टैंक और हेलिकॉप्टर जैसी मशीनों-तकनीक की झलक दिखाई दी। कला और विज्ञान को अलग-अलग मानने के बजाय लियोनार्दो ने दोनों को एक-दूसरे से जोड़ दिया। ‘ मोनालिसा ’, ‘द लास्ट सपर’ और ‘विट्रुवियन मैन’ उनकी इसी अद्भुत सोच के उदाहरण हैं। उनका जीवन हमें सिखाता है कि जानना पर्याप्त नहीं, ज्ञान को काम में उतारना जरूरी है।