Ugcs Strict Directive Fir Immediately Upon Ragging Case Otherwise Action Against Institution
UGC का निर्देश, रैगिंग का केस आते ही तुरंत FIR कराएं शिक्षण संस्थान
नवभारतटाइम्स.कॉम•
Bhupender.Sharma @timesofindia.com
n नई दिल्ली: देश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में नया सेशन शुरू हो चुका है। मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए काउंसलिंग चल रही है। नये सेशन के लिए UGC ने यूनिवर्सिटीज समेत सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को निर्देश दिया है कि अगर पहली नजर में रैगिंग का मामला बनता है तो तुरंत FIR दर्ज हो और जांच में तेजी लाई जाए। मामला दर्ज करवाने के साथ-साथ शिक्षा संस्थान को अपने स्तर पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी होगी। यूजीसी ने हाल में जारी निर्देश में कहा है कि देश के हर उच्च शिक्षा संस्थान के लिए यह अनिवार्य है कि वह सभी स्टूडेंट्स से एंटी-रैगिंग अंडरटेकिंग ले और उसे सबमिट किया जाए। छात्रों और अभिभावकों से www.antiragging.in पर अंडरटेकिंग जमा करवाई जाए। यूजीसी ने कहा है कि रैगिंग की शिकायत मिलते ही संस्थान को एक्शन मोड में आना होगा और शुरुआती स्तर पर यह लगे कि केस रैगिंग का है तो तुरंत प्रभाव से एक्शन हो। यूजीसी ने यह चेतावनी भी दी है कि अगर तय समय सीमा के भीतर एंटी-रैगिंग नियमों को लागू नहीं किया गया तो संस्थान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जा सकती है। इसमें ग्रांट रोकने जैसे कड़े फैसले भी हो सकते हैं। इसके साथ ही UGC को भी समय पर रिपोर्टिंग की जाए।