Noida In 9 Days Thugs Looted Retired Managers 58 Lakhs Cheated By Giving Digital Arrest Pretext
9 दिन में साफ हुई ज़िंदगी भर की कमाई, 58 लाख ले उड़े ठग
नवभारतटाइम्स.कॉम•
नोएडा के सेक्टर-137 में रिटायर्ड मैनेजर और उनकी पत्नी को झांसा देकर ठगों ने बनाया शिकार
- मनी लॉड्रिंग केस में जांच के बहाने झांसे में लिया- आरटीजीएस के माध्यम रकम ट्रांसफर कराई
NBT रिपोर्ट, नोएडा
नोएडा के सेक्टर-137 की चमचमाती पारस टियरा सोसायटी। बाहर गाड़ियों का शोर और चहल-पहल, लेकिन 22वीं मंजिल के एक बंद कमरे में पसरा था डरावना सन्नाटा। कमरे के कोने में रखे फोन से आ रही एक अनजान आवाज और मोबाइल स्क्रीन पर खुली विडियो कॉल ने 77 वर्षीय बुजुर्ग दंपती की सांसें अटका रखी थीं। "आप डिजिटल अरेस्ट हैं... हिलिएगा मत, किसी को बताया तो जेल चले जाएंगे!"। साइबर जालसाजों की इस एक धमकी ने एक निजी कंपनी से रिटायर्ड मैनेजर और उनकी पत्नी को नौ दिनों तक अपने ही घर में बेड़ियों के बिना कैदी बना दिया और इस डर के साए में उनसे जिंदगी भर की कमाई के पूरे 58 लाख 30 हजार रुपये ठग लिए गए। बेटों के दूसरे शहरों में रहने के कारण वह पत्नी के साथ यहां अकेले रहते हैं। अब पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ऐसे बनाया ठगी का शिकार
पीड़ित बुजुर्ग के अनुसार, 11 अगस्त को उनके घर के लैंडलाइन पर एक कॉल आई, जिसे उनकी पत्नी ने उठाया। फोन करने वाले ने खुद को एयरटेल हेड ऑफिस का कर्मचारी विजय कुमार वर्मा बताया। उसने दावा किया कि महिला के आधार कार्ड और केनरा बैंक के एटीएम कार्ड का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है। ठग ने यह भी कहा कि मामले में मिले 247 संदिग्ध आधार कार्डों में उनका नाम भी शामिल है। इसके बाद जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल का नाम लेकर उन्हें डराया गया। कॉल के दौरान ही बुजुर्ग महिला के वॉट्सऐप पर विडियो कॉल आई। इसके बाद साइबर ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग के फर्जी केस में फंसाने की धमकी देकर पति-पत्नी दोनों को विडियो कॉल के जरिए डिजिटल अरेस्ट कर लिया। ठगों ने उन्हें किसी को भी इसकी जानकारी न देने की सख्त हिदायत दी और नौ दिनों तक एक कमरे में डिजिटल निगरानी में कैद रखा।
बैंक ले जाकर ट्रांसफर कराई रकम
जांच और रकम वेरिफिकेशन के नाम पर ठगों ने 12 अगस्त से पैसे ऐंठने शुरू किए। पीड़ित दंपती को विडियो कॉल पर जोड़े रखकर ही बैंक भेजा गया, जहां से उन्होंने पहली किस्त के रूप में 10 लाख रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद ठग रोजाना दबाव बनाकर पैसे मांगते रहे। कुल सात बार में पति के खाते से 44.50 लाख और पत्नी के खाते से 13.80 लाख रुपये अलग-अलग खातों में भिजवा लिए गए।
छह राज्यों के खातों में पहुंची रकम
19 अगस्त को ठगों से संपर्क टूटने पर पीड़ितों को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने नैशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर साइबर थाना पुलिस ने गुरुवार को केस दर्ज किया। पुलिस जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम छह अलग-अलग राज्यों- केरल, हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल की बैंक शाखाओं के खातों में भेजी गई है। पुलिस अब इन बैंक खातों के धारकों की पहचान जुटाने और इस्तेमाल किए गए वॉट्सऐप नंबरों को ट्रैक करने में जुटी है।