महंगाई के कई कारण

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food safety and nature balance fdas proactiveness and the cost of development
त्योहारों के मौसम में खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की सक्रियता सराहनीय है। आयुक्त तुकाराम मुंडे ने मिठाइयों, डेयरी उत्पादों, महाप्रसाद और भंडारों की गुणवत्ता पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिए हैं। उनके औचक निरीक्षणों और सख्त कार्रवाई से मिलावटखोरों में डर पैदा हुआ है। स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पादों के प्रचार-प्रसार पर भी उन्होंने कड़ा रुख अपनाया है। स्कूलों के आसपास जंक फूड की बिक्री पर नियंत्रण और खाद्य गुणवत्ता सुधार के प्रयासों से जनता का भरोसा बढ़ा है। सार्वजनिक सेवा में ऐसी ईमानदार, निष्पक्ष और जनहित को सर्वोपरि रखने वाली कार्यशैली प्रशासन की विश्वसनीयता को मजबूत करती है।

-दीपा सिन्हा, ईमेल से
 प्रकृति का संतुलन

नेपाल में हाल में ग्लेशियर फटने से हुई तबाही ने एक बार फिर प्रकृति और विकास के बीच संतुलन की आवश्यकता को रेखांकित किया है। पहाड़ी क्षेत्रों में अंधाधुंध निर्माण, सड़क परियोजनाएं और पर्यावरणीय हस्तक्षेप प्राकृतिक आपदाओं की आशंका बढ़ा रहे हैं। भारत के पर्वतीय राज्यों में भी पिछले कुछ वर्षों में भूस्खलन, बाढ़ और भवन ढहने की घटनाएं बढ़ी हैं। विकास आवश्यक है, लेकिन प्रकृति की कीमत पर नहीं। ग्लोबल वार्मिंग के कारण ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं, जिससे भविष्य में बड़े खतरे पैदा हो सकते हैं। सरकारों, वैज्ञानिकों और पर्यावरणविदों को मिलकर टिकाऊ विकास की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संतुलन सुरक्षित रह सके।

-राजेश कुमार चौहान, ईमेल से