Lucknows Asra Becomes Grandmother To Four Cats A Heartwarming Story
चार बिल्लियों की नानी से मुलाक़ात
Contributed by: सरस्वती रमेश|नवभारतटाइम्स.कॉम•
कुछ समय के लिए तहजीब के शहर लखनऊ में रहना हुआ। वहां मुलाकात हुई एक फूल से भी ज्यादा हसीन लड़की से। नाम था असरा। वह फ्रीलांसिंग करती थी। बिल्लियों से बहुत प्यार था उसे। एक बिल्ली गोद ली थी उसने। बिल्कुल उसी तरह जैसे कोई अनाथ आश्रम से बच्चे गोद लेता है। नाम रखा लायला। अभी लायला को आए कुछ दिन ही बीते थे कि एक दिन उसी सज्जन का फोन आ गया, जिन्होंने बिल्ली दी थी। कहने लगे, 'लायला की बहन को कुछ दिनों के लिए रख लो, मैं बाहर जा रहा।' असरा ने उसे बुला लिया। अब असरा के साथ चिपक कर सोने वाली लायला अपनी बहन मस्का के साथ लिपट कर सोने लगी। बिल्ली देने वाले को फोन कर बोली, 'भैया, अब मैं लायला को उसकी बहन से अलग नहीं होने दूंगी। दोनों को मैं रखूंगी।' भैया मान गए।
जैसे दो बिल्लियां काफी न हों, अपनी बिल्डिंग के नीचे पार्किंग में रहने वाली चुन्नी को भी वह रोज खाना खिलाती। चुन्नी गाड़ियों के नीचे बैठी रहती थी। असरा के आते ही पास दौड़ी चली आती। असरा आते-जाते उसे सहलाती, खिलाती, उसका हालचाल लेती। उसके दुख तकलीफ को फौरन समझ लेती। जैसे कोई मां अपने बच्चे के कष्ट को भांप लेती है। कुछ दिन तक सब ठीक चलता रहा। फिर एक दिन उसका फ्रीलांस प्रॉजेक्ट वर्क खत्म हो गया। वह बेरोजगार हो गई। पैसों का कोई दूसरा स्रोत न था। घर का किराया तो उसकी दोस्त कुछ दिन भर सकती थी, पर खाने का इंतजाम तो उसे ही करना था। अपने मम्मी-पापा को एक बार भी नौकरी खत्म होने की बात कहती तो वे उसे घर बुलाकर शादी का दबाव डालते। तब उसकी बिल्लियां कहां जातीं? यही सोचकर उसने घर पर कुछ नहीं बताया।धीरे-धीरे बैंक बैलेंस खत्म होने पर आ गया। खाते में बस 800 बचे। अब क्या होगा? किसी और को बिल्लियां देने की कल्पना से भी वह डर जाती। हर समय बिल्लियों का खाना बैग में रखने वाली असरा का बैग अब खाली था। उसने अपनी परेशानी कुछ दोस्तों को बताई। उसके संवेदनशील दोस्त बिल्लियों के लिए खाना भेजने लगे। असरा का काम किसी तरह चलने लगा। कुछ महीने बाद उसे दोबारा नौकरी मिली। अब पैसों की कोई दिक्कत नहीं थी। संयोग से तभी चुन्नी ने चार बच्चों को जन्म दिया। असरा अब चुन्नी का और भी ख्याल रखने लगी। एक दिन जब मैं पार्किंग से गुजर रही थी तो देखा कि असरा बच्चों को गोद में बिठाकर पुचकार रही है, 'मैं तुम्हारी नानी हूं। पहचान रहे हो न? नहीं पहचान रहे तो अब पहचान लो। तुम्हारी मां मेरी ही बेटी है। एकदम सगी बेटी।'