महंगाई के कई कारण

नवभारतटाइम्स.कॉम
multiple causes of inflation government needs concrete measures not just relief
28 अगस्त का संपादकीय ‘चीनी की महंगी चाल’ पढ़ा। चीनी, तेल आदि रसोई की सबसे जरूरी चीजें हैं। इन सबकी कीमत बढ़ने का असर तुरंत दिखाई देता है। सरकार को केवल कीमत बढ़ने के बाद राहत देने के बजाय महंगाई के कारणों पर लगातार नजर रखनी होगी। पर्याप्त भंडार, बेहतर आपूर्ति व्यवस्था , जमाखोरी पर सख्ती और जरूरी वस्तुओं के बाजार की प्रभावी निगरानी जरूरी है। महंगाई अक्सर किसी एक कारण से नहीं बढ़ती। उदाहरण के लिए, खराब मॉनसून से उत्पादन घटना, डीजल महंगा होना और परिवहन लागत बढ़ना इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं। महंगाई बढ़ने के संकेत मिलते ही खरीदारों में होड़ लग जाती है, जिससे मांग और बढ़ जाती है। इससे भी महंगाई पर असर पड़ता है। इन सभी पहलुओं पर समय रहते नियंत्रण रखने की जरूरत है, क्योंकि महंगाई बड़ी समस्या है।

मयंक राणा, नोएडा
 पहले पहाड़ को जानिए

पत्र 28 अगस्त के लेख ‘पहाड़ों को समझने में कहां चूक हुई’ से संबंधित है। आपदाएं मानवीय लापरवाही, अव्यवस्थित निर्माण और पुरानी प्लानिंग की ओर ध्यान दिलाती हैं। बाढ़, भूस्खलन या ग्लेशियर का टूटना पूरी तरह रोक पाना संभव नहीं, लेकिन सही उपाय से उनके नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हिमायल की नदियों के स्वभाव को हम भूल जाते हैं। नदियां ढलान में बहती हैं, जिससे इनका रास्ता बदलता रहता है और जब बाढ़ आती है तो पानी अपने साथ मलबों को समेटते हुए आगे बढ़ता है। पर्यटन को पर्यावरणीय क्षमता के अनुरूप ही बढ़ावा देना चाहिए ताकि पहाड़ सुरक्षित रह सकें। आपदा के बाद राहत और मुआवजे की बात तो आती है, लेकिन आपदा से होने वाले जोखिम कम करने की नीति पर ध्यान देना जरूरी है।

रोहित श्रीवास्तव, नोएडा