एक महीने के बजाय 18 दिन में ही हाइड्रोजन बसों का ट्रायल हुआ बंद

नवभारतटाइम्स.कॉम
एक महीने के बजाय 18 दिन में ही हाइड्रोजन बसों का ट्रायल हुआ बंद
n NBT रिपोर्ट, ग्रेटर नोएडा

एक महीने के बजाय 18 दिन चलाकर हाइड्रोजन बसों का ट्रायल बंद कर दिया गया। नोएडा , ग्रेटर नोएडा व यमुना सिटी के ट्रायल रन में इन बसों को सवारी कम मिलीं। साथ ही इलेक्ट्रिक बसों की तुलना में इनका खर्च भी अधिक आया। अब इन बसों को छोटे के बजाय लंबे रूट पर चलाने की प्लानिंग है। अब इन्हें ग्रेटर नोएडा से आगरा तक चलाया जाएगा। इस संबंध में उच्च स्तर पर वार्ता चल रही है। नोएडा एयरपोर्ट का संचालन 15 जून को शुरू हुआ था। इस दिन अधिकारी कार्यक्रम स्थल से नोएडा एयरपोर्ट तक हाइड्रोजन बसों से गए थे। इसके बाद इनका ट्रायल शुरू हुआ। दरअसल यूपी में पहली बार हाइड्रोजन बसों का संचालन होना था, इसलिए ट्रायल जरूरी था। यमुना अथॉरिटी ने दादरी एनटीपीसी के साथ मिलकर तीन बसों का ट्रायल शुरू कराया। ये बसें नोएडा, ग्रेटर नोएडा और एयरपोर्ट तक दौड़ीं। एनटीपीसी के साथ हुए अनुबंध में पहले एक महीने तक ट्रायल रन करना था, लेकिन यह उससे पहले ही खत्म हो गया। जानकारी के मु्ताबिक, तीन बसों में से एक 18 दिन, दूसरी 15 दिन और तीसरी मात्र चार दिन ही चली। तीनों बसें 17444 किमी चलीं।
अधिकारियों के मुताबिक, ट्रायल के दौरान सवारियां कम मिली थीं। इस दौरान यात्रियों से बतौर किराया एक लाख 66 हजार रुपये मिले। इसके लिए यमुना अथॉरिटी को 8.32 लाख रुपये का भुगतान करना पड़ा। अनुबंध के मुताबिक, अगर संचालन में खर्च नहीं निकलता है तो इसकी भरपाई अथॉरिटी को करनी होगी। यमुना अथॉरिटी को इलेक्ट्रिक बसों से अधिक पैसा हाइड्रोजन बसों में देना पड़ा।