जिस मामले में लगा ज़ुर्माना, जांच समिति को वही व्यवस्था लगी बेहतर

नवभारतटाइम्स.कॉम
investigation committee finds system fined for smart meters better consumer council raises questions
n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : स्मार्ट मीटरों का कनेक्शन शून्य बैलेंस पर कटने और रीचार्ज के बाद तय समय में जुड़ न पाने पर नियामक आयोग ने पावर कॉरपोरेशन पर भले ही जुर्माना लगाया था, लेकिन स्मार्ट मीटरों की गुणवत्ता की जांच करने वाली समिति को पावर कॉरपोरेशन की यही व्यवस्था सबसे अच्छी लगी। समिति ने जांच रिपोर्ट में इस व्यवस्था की सराहना की है।

समिति द्वारा इस व्यवस्था की प्रशंसा करने के बाद एक बार फिर जांच समिति की रिपोर्ट पर सवाल खड़े हो रहे हैं। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष और राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि समिति की इस टिप्पणी के बाद रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। रीचार्ज के अधिकतम दो घंटे के भीतर कनेक्शन जुड़ जाने चाहिए। हालांकि, 1.93 लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के कनेक्शन इस मियाद में नहीं जुड़े। इसी मसले पर नियामक आयोग ने पावर कॉरपोरेशन पर ₹7.18 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। अब सवाल यह है कि जिस व्यवस्था की खामी की वजह से पावर कॉरपोरेशन पर जुर्माना लगा, उसी में जांच समिति को सबसे बड़ी अच्छाई कैसे दिखाई दी? यह रिपोर्ट का सबसे बड़ा विरोधाभास है। उपभोक्ता परिषद ने एक बार फिर पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक करने और मामले की स्वतंत्र जांच करवाने की मांग की है।