Your Plate Determines The Mood Of Gut Bacteria Big Revelation
थाली तय कर रही है आंत के बैक्टीरिया का मिजाज़!
नवभारतटाइम्स.कॉम•
n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : हम क्या खाते हैं, कैसे रहते हैं और किस माहौल में पले-बढ़े हैं इनका असर सिर्फ शरीर के वजन या सेहत पर ही नहीं, हमारी आंत में मौजूद खरबों सूक्ष्मजीवों पर भी पड़ता है। अब एक बड़े अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में सामने आया है कि दक्षिण एशियाई लोगों का गट माइक्रोबायोम दुनिया के दूसरे हिस्सों की आबादी से अलग है। इतना ही नहीं यहां के समुदायों की आंत में मौजूद माइक्रोब्स की संरचना और बदलाव की दिशा एक जैसी नहीं है। यह शोध गट माइक्रोब्स जनरल में प्रकाशित हुआ है।
575 लोगों से जुटाया डेटा : लखनऊ स्थित बीरबल साहनी इंस्टिट्यूट ऑफ पैलियोसाइंसेज (BSIP) के वैज्ञानिक डॉ. नीरज राय की अगुआई में हुए इस शोध में 575 स्वस्थ वयस्कों के स्टूल सैंपल लिए। ये लोग भारत और श्रीलंका के 10 सांस्कृतिक और भौगोलिक रूप से अलग समुदायों से थे। रिसर्च का सबसे अहम निष्कर्ष यह है कि शहरीकरण से आंत के माइक्रोबायोम में होने वाला बदलाव सभी समुदायों में एक जैसा नहीं है।