ज़िले में हर तीसरा शख्स एनीमिक !

नवभारतटाइम्स.कॉम
every third person in gurgaon is anemic health department report raises concerns
n दीपाली श्रीवास्तव, गुड़गांव

जिले में एनीमिया अब केवल स्वास्थ्य समस्या नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ी पर मंडराता संकट बन रहा है। स्वास्थ्य विभाग के एनीमिया मुक्त अभियान के तहत एक महीने तक चली स्क्रीनिंग में सामने आए आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है। एक से 30 जून तक जिले में 62 हजार 183 लोगों की जांच की गई, इनमें 22 हजार 975 लोग यानी 36% लोग एनीमिक पाए गए।
यानी जिले के हर तीसरे शख्स में खून की कमी है। चिंता की बात यह भी है कि एनीमिया का सबसे ज्यादा असर 10 से 19 साल के किशोर-किशोरियों में ज्यादा देखने को मिला। अभियान के दौरान मिले मरीजों में करीब 20% (12,463) लोग माइल्ड एनीमिया, 16.2% (10,112) मॉडरेट एनीमिया और 0.64 प्रतिशत यानी लगभग 400 लोग सीवियर एनीमिया से पीड़ित पाए गए। जांच के बाद सभी मरीजों को आयरन-फोलिक एसिड की दवा दी गईं, जबकि गंभीर मरीजों को रेफर किया गया है।

थकान और कमजोरी को न करें नज़रअंदाज : अभियान के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे किशोर और किशोरियां सामने आए, जो लंबे समय से थकान और कमजोरी से जूझ रहे थे लेकिन इसे नजरअंदाज कर रहे थे। हीमोग्लोबिन जांच के बाद पता चला कि वे एनीमिया से पीड़ित हैं। सीएमओ डॉ. लोकवीर के अनुसार किशोरावस्था में तेजी से होने वाला शारीरिक विकास, महिलाओं में मासिक धर्म, गर्भावस्था, संतुलित एवं आयरन युक्त भोजन की कमी एनीमिया के प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान और उपचार नहीं होने पर यह बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास, पढ़ाई, कार्य करने की क्षमता पर गंभीर असर डाल सकता है।

खानपान में बदलाव से मिल सकती है राहत : डाइटीशन डॉ. स्वाति के अनुसार भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, चना, गुड़, बाजरा, अनार, चुकंदर और विटामिन-सी युक्त फलों को नियमित शामिल करने से शरीर में आयरन की मात्रा बढ़ाने में मदद मिलती है। उन्होंने सलाह दी कि भोजन के तुरंत बाद चाय या कॉफी पीने से बचना चाहिए।