Anjuman e avadh Showcases Lucknows Nawab Culture And Art Fusion
'अंजुमन-ए-अवध' में सजा लखनऊ का रंग
नवभारतटाइम्स.कॉम•
nNBT न्यूज, लखनऊ : कथक की मनमोहक प्रस्तुतियों, ठुमरी, गजल, कव्वाली और नवाबी दौर की सांस्कृतिक झलकियों से सजे ' अंजुमन-ए-अवध ' ने दर्शकों को पुराने लखनऊ की तहजीब और विरासत से रूबरू कराया। पद्मश्री डॉ. योगेश प्रवीण को समर्पित इस नृत्य-नाट्य प्रस्तुति में कथक के माध्यम से शहर के इतिहास, नवाबी संस्कृति, गंगा-जमुनी तहजीब और कला परंपरा को प्रभावी ढंग से मंच पर उतारा गया।
सोमवार को राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में सोपान संस्था की ओर से कार्यक्रम 'अंजुमन ए अवध' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 'गजरा गूंथ के ला मालिनी, आई बसंत की बहार...' और 'आया सावन का महीना, पहनो हरी चूड़ियां...' गीतों के माध्यम से सावन और बसंत को बखूबी से दर्शाया गया। मुजरा, तराना, गजल और कव्वाली पर कथक की के माध्यम से अवध की सांस्कृतिक विविधता को जीवंत कर दिया।