Bptp Plot Colonies Gst Dispute On Electricity Bills Residents Not Getting Resolution
बीपीटीपी प्लॉटेड कॉलोनियों में नहीं सुलझा GST विवाद
नवभारतटाइम्स.कॉम•
नगर निगम कर रहा टाल-मटोल, रेजिडेंट्स को नहीं मिल रहा समाधान, आरोप- निगम जानबूझकर फैसले में कर रहा देरी
-चार महीने पहले बिजली निगम ने जीएसटी कार्यालय से एसडीओ और बिल्डर प्रतिनिधि को जानकारी लाने के दिए थे आदेशवर्षा भड़ाना, फरीदाबाद
ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-75 से 89 स्थित बीपीटीपी प्लॉटेड कॉलोनियों में बिजली बिल चार्ज में जीएसटी जोड़कर लेने पर विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है। लोगों का आरोप है कि बिजली निगम इस मामले में पिछले करीब चार महीने से टालमटोल का रवैया अपना रहा है। कई बार शिकायत करने के बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। बिजली बिल चार्ज में जीएसटी लगाया जाना नियमों के अनुसार सही है या नहीं, इसके बारे में बिजली निगम की ओर से अब तक कोई स्पष्ट आदेश नहीं दिए गए हैं।
प्लॉटेड कॉलोनी के रेजिडेंट्स ने बिजली निगम में बीपीटीपी की कॉमन एरिया इलेक्ट्रिसिटी चार्ज में पारदर्शिता न होने की शिकायत की थी। इस पर संज्ञान लेते हुए बिजली निगम के एसई ने बैठक कर संबंधित एसडीओ और बिल्डर के प्रतिनिधि को जीएसटी कार्यालय जाकर इस मामले में तथ्यात्मक जानकारी जुटाने के निर्देश दिए थे। शिकायतकर्ता उमेश प्रभाकर ने बताया कि बिजली निगम ने जीएसटी कार्यालय से स्पष्ट जानकारी मिलने के बाद आगे की कार्रवाई करने के लिए कहा था, लेकिन चार महीने बीतने के बाद भी अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
100 रुपये हर महीने जीएसटी चार्ज वसूला जा रहाः
रेजिडेंट्स का कहना है कि बीपीटीपी प्रबंधन कॉमन एरिया में उपयोग होने वाली बिजली के बिल में जीएसटी जोड़कर उनसे अतिरिक्त राशि वसूल रहा है, जबकि नियमों के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं से इस तरह की वसूली उचित नहीं है। उपभोक्ताओं से करीब 100 रुपये हर महीने जीएसटी चार्ज वसूला जाता है। शहर में बीपीटीपी के करीब 20 हजार उपभोक्ता हैं, ऐसे में हर महीने बीपीटीपी करीब 20 लाख रुपये अतिरिक्त चार्ज कर रहा है, जो उचित नहीं है।
वर्जन
बिजली बिलिंग में जीएसटी जोड़कर लेने का मामला आया था। इसके लिए हमने अधिकारियों की एक कमिटी बनाई हुई है, जो इसकी जांच में लगी हुई है। जांच करने और जानकारी लेने में थोड़ा समय लग रहा है, लेकिन समस्या का जल्द समाधान करने की कोशिश में लगे हुए हैं।