सैयद मोदी की कर्मभूमि पर ताला

नवभारतटाइम्स.कॉम
syed modis karma bhoomi locked practice of 200 players halted future in question
nआशीष राजपूत, लखनऊ : केडी सिंह बाबू स्टेडियम के जिस बैडमिंटन हॉल ने देश को सैयद मोदी जैसा सितारा दिया, जहां कभी पीवी सिंधु, पुलेला गोपीचंद समेत अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी पसीना बहाते थे, वह हॉल आज बदहाल पड़ा है। करीब 15 दिनों से हॉल पर ताला लटका है और 200 से अधिक खिलाड़ियों की नियमित प्रैक्टिस ठप है। लंबे समय से जर्जर पड़े कोर्ट की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि खिलाड़ी अभ्यास के दौरान चोटिल होने लगे थे। इस कारण हॉल को बंद तो कर दिया, लेकिन इसे दोबारा कब खोला जाएगा, इसका जवाब न खिलाड़ियों के पास है और न ही स्टेडियम प्रशासन के पास। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन खिलाड़ियों की तैयारी राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए चल रही थी, वे अब अभ्यास कहां करें।

खिलाड़ियों का कहना है कि वर्षों से हॉल की मरम्मत की मांग की जा रही थी, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया। नतीजा यह हुआ कि कोर्ट खेलने लायक ही नहीं बचा। अब जब हॉल बंद हो चुका है तो भविष्य को लेकर भी कोई स्पष्ट योजना सामने नहीं है। शासन और खेल प्रशासन की यह उदासीनता सीधे उन सैकड़ों खिलाड़ियों के सपनों पर चोट कर रही है, जो हर दिन इसी कोर्ट पर अपने भविष्य की नींव रखते थे।