Allegations Of Referee Bias In Argentinas Victory Baseless Egypts Strategic Errors Were The Cause Of Defeat
रेफरी की वजह से नहीं, अर्जेंटीनाके बेजोड़ खेल से हारा इजिप्ट
नवभारतटाइम्स.कॉम•
संजीव कुमार
फीफा वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ-16 में अर्जेंटीना और इजिप्ट के बीच मैच के बाद से फ्रेंच रेफरी फ्रांस्वा लेतक्सिये पर 'पक्षपात या बेईमानी' के आरोप लगाए जा रहे हैं। लेकिन बेईमानी तब मानी जाती है जब रेफरी जानबूझकर किसी टीम को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों की अनदेखी करे। इस मैच में ऐसा कुछ नहीं हुआ। इजिप्ट का जो गोल रद्द किया गया, वह 'अटैकिंग फेज ऑफ प्ले' के सख्त नियम के तहत अमान्य हुआ। विडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) ने स्पष्ट दिखाया कि गोल के मूव की शुरुआत में लिसैंड्रो मार्टिनेज के पैर पर पैर रखा गया था। नियमों के मुताबिक, यह एक सीधा फाउल है।नियम के मुताबिक फैसला
हालांकि, सवाल उठाया जा रहा है कि इजिप्ट के मोहम्मद सालाह के साथ हुई घटना पर रेफरी ने कुछ क्यों नहीं किया। मैच के स्टॉपेज टाइम (91वें मिनट) में जब स्कोर 2-2 की बराबरी पर था, तब सालाह अर्जेंटीना के बॉक्स में गेंद लेकर आगे बढ़ रहे थे। तभी अर्जेंटीना के जूलियन अल्वारेज ने पीछे आकर उन्हें टैकल किया। इजिप्ट के खिलाड़ियों ने इस पर पेनल्टी की मांग की, लेकिन रेफरी ने खेल जारी रखा और इसी काउंटर-अटैक पर एंजो फर्नांडेज ने अर्जेंटीना के लिए (90+2 मिनट में) 3-2 से मैच जिताने वाला गोल दाग दिया।
रिप्ले और रेफरी की समझ के मुताबिक, अल्वारेज के पैर का संपर्क सालाह से होने से ठीक पहले उन्होंने गेंद को साफ तौर पर छू लिया (क्लीयर कर दिया) था। नियम कहते हैं कि यदि कोई खिलाड़ी टैकल के दौरान पहले गेंद को क्लीयर करता है, तो उसके बाद होने वाले शारीरिक संपर्क को खेल का एक स्वाभाविक हिस्सा माना जाता है, बशर्ते टैकल अत्यधिक खतरनाक या हिंसक न हो।
टैकल के वक्त सालाह पहले ही बॉल से अपना कंट्रोल थोड़ा खो चुके थे। इसे जानबूझकर किया गया फाउल नहीं, बल्कि एक 'क्लीन टैकल' माना गया। सालाह को पेनल्टी न देने का फैसला पूरी तरह रेफरी के ऑन-फील्ड विशेषाधिकार के दायरे में था। रेफरी ने वही किया जो नियम और तकनीक ने उन्हें दिखाया।
इजिप्ट की रणनीतिक भूल
खेल के 77वें मिनट तक 2-0 से आगे चल रही इजिप्ट की टीम आखिरी 15 मिनट में अपनी रणनीतिक भूलों के कारण हारी। इस दौरान वह डिफेंसिव होकर अपने बॉक्स में सिमट गई। अर्जेंटीना ने आखिरी समय में 'ऑल-आउट अटैक' किया और इजिप्ट पर कुल 7 जोरदार हमले किए। इसी का नतीजा था कि क्रिस्टियन रोमेरो ने 79वें मिनट में, लियोनेल मेसी ने 83वें मिनट में और एंजो फर्नांडीज ने 90+2वें मिनट में गोल दागकर मैच का पासा पलट दिया।