Iran america Tension Dialogue Is The Way But Until When
बातचीत ही रास्ता
नवभारतटाइम्स.कॉम•
अमेरिका और ईरान के बीच की शांति एक महीने भी नहीं टिकी। जब डॉनल्ड ट्रंप ने कह दिया है कि उनके लिए अब ईरान के साथ हुआ अंतरिम समझौता खत्म हो चुका है और तेहरान के साथ बातचीत समय की बर्बादी है, तो संकट फिर से बढ़ गया है। दोनों तरफ से किए जा रहे हमले पश्चिम एशिया को एक बार फिर अस्थिरता की ओर ले जा रहे हैं।
ईमानदारी नहीं बरती । अमेरिका और ईरान ने 17 जून को शुरुआती समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। तब जो सहमति बनी थी, उस पर किसी ने ईमानदारी से अमल नहीं किया। वार्ता के दौरान उकसावे वाले बयान, धमकियों और बदले की मांग की वजह से यह डर हमेशा था कि बातचीत किसी भी वक्त पटरी से उतर सकती है। समझौता तब टूटा, जब ईरान अपने सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई को अंतिम विदाई दे रहा है। आम ईरानियों में अमेरिका से बदला लेने की भावना चरम पर है और IRGC के प्रति समर्थन बढ़ गया है।पुराने हालात की ओर । अमेरिका का कहना है कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में तीन व्यापारिक जहाजों पर हमला किया था। जवाब में उसने ईरान के दक्षिणी हिस्से में बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की। इसके बाद ईरान ने भी बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। स्थितियां सीजफायर के पहले वाले दौर की तरफ मुड़ रही हैं। ट्रंप ने हालांकि कहा है कि अमेरिकी अधिकारी ईरान के साथ वार्ता जारी रख सकते हैं। उन्हें बातचीत को प्राथमिकता सूची में नीचे रखने के बजाय ऊपर लाना चाहिए।
बाजार में डर । टकराव बढ़ने से होर्मुज से जहाजों की आवाजाही फिर प्रभावित हो सकती है। दुनिया ने अंतरिम समझौते के ऐलान के बाद निर्बाध तेल-गैस आपूर्ति की जो उम्मीदें लगाई थीं, उस पर संदेह गहरा गया है। पहले के हमलों में जिन फैसिलिटीज को नुकसान पहुंचा था। इसी डर ने बुधवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम 5.23% बढ़ा दिए। वहीं, शेयर बाजार औंधे मुंह गिरा। निफ्टी और सेंसेक्स, दोनों में दो फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई।
टकराव समाधान नहीं । होर्मुज में जहाजों पर हमला बताता है कि सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्ग बेहद असुरक्षित है। और यहां घटी कोई घटना पूरे इलाके को अस्थिर कर सकती है। ईरान और अमेरिका एक-दूसरे पर समझौते से मुकरने का आरोप लगा रहे हैं, पर हल न तो दूसरे को दोषी ठहराने से निकलेगा और न ही जंग से। दोनों को तुरंत हमले रोकने चाहिए और गंभीरता से बातचीत करनी चाहिए।