स्थायी समाधान के चलते कई इलाकों में तेज़ बारिश के बाद भी नहीं भरा पानी

नवभारतटाइम्स.कॉम
no waterlogging in gurugram despite heavy rain permanent solutions show impact
n NBT रिपोर्ट, गुड़गांव

शहर में भारी बारिश के दौरान नगर निगम की ओर से मॉनसून से पहले किए गए स्थायी समाधान और तैयारियों के सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं। कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां हर साल जलभराव की समस्या रहती थी, इस बार बेहतर जलनिकासी व्यवस्था के चलते ये इलाके काफी हद तक जलभराव से मुक्त रहे।
नगर निगम की पोंड रिवाइवल कमिटी की पहल भी इस बार कारगर रही। मॉनसून से पहले 28 तालाबों की गहराई बढ़ाकर और डी-वॉटरिंग कर उनकी जल संग्रहण क्षमता बढ़ाई गई थी, जिसका लाभ बारिश के दौरान दिखा। पलड़ा, धनवापुर, ट्यूलिप चौक, खेड़की माजरा और दरबारीपुर समेत कई तालाबों में 10 से 12 फीट तक बारिश का पानी पहुंचा। इससे लाखों लीटर वर्षा जल का संचय हुआ और आसपास के इलाकों में जलभराव का दबाव भी कम हुआ।

राजेंद्र पार्क में 87 एमएम बारिश के बाद भी राहत: राजेंद्र पार्क (वॉर्ड-34) में वर्षों से जलभराव बड़ी चुनौती रहा है। निगम द्वारा स्थायी ड्रेनेज सुधार किए जाने के बाद इस बार 87 एमएम बारिश के बावजूद क्षेत्र में जलभराव नहीं हुआ। एकता वाली गली, शिव मूर्ति गोल चक्कर और सूरत नगर गली नंबर-17 जैसे संवेदनशील स्थानों पर भी निकासी सुचारु रही। अधिकारियों के मुताबिक, जहाजगढ़ एसटीपी तक 40 एमएलडी से अधिक पानी पहुंचा, जो बेहतर ड्रेनेज नेटवर्क का सकारात्मक परिणाम है।

स्थायी जलनिकासी कार्यों का असर साफ दिखा : सेक्टर-17 (वॉर्ड-25) में भी पहले किए गए स्थायी जलनिकासी कार्यों का असर साफ दिखाई दिया। भारी बारिश के बावजूद क्षेत्र में पानी नहीं ठहरा और निकासी व्यवस्थित ढंग से होती रही। वॉर्ड-30 और 32 में निगम की फील्ड टीमें लगातार सक्रिय रहीं। ट्रैक्टर माउंटेड पंप, डी-वॉटरिंग मशीनों और अन्य संसाधनों की मदद से जलभराव वाले स्थानों से तेजी से पानी निकाला गया।