ट्रंप के बयान से लुढ़का बाज़ार

Contributed byरुपये में गिरावट,FPI रजिस्ट्रेशन फीस का पेमेंट अब रुपये में|नवभारत टाइम्स
ट्रंप के बयान से लुढ़का बाज़ार
(फोटो- नवभारत टाइम्स)
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ईरान के साथ शांति समझौता खत्म करने की बात का असर बुधवार को शेयर बाजार पर दिखा। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ हुआ अंतरिम समझौता अब खत्म हो गया है। इस खबर के बाद कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में उछाल आया। इसके बाद प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखी गई।

सेंसेक्स 1,677.12 अंक (2.15%) गिरकर 76,503.60 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय तो यह 1,921.69 अंक (2.45%) तक नीचे गिरकर 76,259.03 के स्तर पर पहुंच गया था। इसी तरह, NSE निफ्टी भी 516.65 अंक (2.12%) लुढ़क कर 23,882.05 पर बंद हुआ। सेंसेक्स की सभी 30 कंपनियां लाल निशान में बंद हुईं। BSE मिडकैप इंडेक्स 2.14% और स्मॉलकैप 1.61% गिर गया।
सेक्टरों की बात करें तो सर्विसेज सेक्टर में सबसे ज्यादा 3.21% की गिरावट आई। इसके अलावा PSU बैंक (2.76%), FMCG (2.54%) और बैंकिंग सेक्टर (2.46%) भी भारी गिरावट के साथ बंद हुए। कच्चे तेल का अंतरराष्ट्रीय मानक, ब्रेंट क्रूड 6.18% बढ़कर 78.74 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

तेल, पेंट एविएशन पर असर

BSE पर हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) का शेयर 4.60% टूट गया। इसी तरह इंडियन ऑयल (IOC) में 3.51% और भारत पेट्रोलियम (BPCL) में 3.20% की गिरावट आई। विमानन कंपनियों की बात करें, तो इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) के शेयर 5.02% गिर गए और स्पाइसजेट के शेयरों में 3.04% की कमी आई।

पेंट सेक्टर में शालिमार पेंट्स 4.44%, इंडिगो 4.18%, एशियन पेंट्स 2.49%, बर्जर पेंट्स 2.26% और कंसाई नेरोलैक के शेयर 1.95% गिर गए। गौरतलब है कि कच्चा तेल पेंट बनाने वाली कंपनियों के लिए सबसे जरूरी कच्चा माल है।

रुपये में गिरावट : डॉलर के मुकाबले बुधवार को रुपया 52 पैसे गिरकर 95.48 के स्तर पर बंद हुआ। फॉरेक्स ट्रेडर्स के मुताबिक, विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 95.15 पर खुला और दिन के दौरान यह 94.98 से 95.61 के बीच झूलता रहा। अंत में यह पिछले बंद भाव (94.96) के मुकाबले 52 पैसे टूटकर 95.48 पर बंद हुआ।

FPI रजिस्ट्रेशन फीस का पेमेंट अब रुपये में : बाजार नियामक सेबी (Sebi) ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) के लिए रजिस्ट्रेशन फीस के मौजूदा नियम को बदल दिया है। अब तक यह फीस अमेरिकी डॉलर में ली जाती थी। अब इसकी जगह रुपयों में फीस चुकाने का ढांचा तैयार किया गया है।