आखिर कहां से आया घटिया ऑक्सिटोसिन इंजेक्शन?

नवभारतटाइम्स.कॉम
fake oxytocin injection network big investigation by drug control department in delhi
Abhishek.Gautam1

@timesofindia.com
n नई दिल्ली : दिल्ली में घटिया गुणवत्ता वाले ऑक्सिटोसिन इंजेक्शन की सप्लाई का मामला अब और गंभीर होता जा रहा है। राम मनोहर लोहिया अस्पताल से संदिग्ध 2675 एम्प्यूल ऑक्सिटोसिन इंजेक्शन जब्त होने और बाद में पटपड़गंज की एक फर्म से 31,700 ऑक्सिटोसिन इंजेक्शन जब्त किए जाने के बाद ड्रग कंट्रोल विभाग ने जांच का दायरा तेजी से बढ़ा दिया है। अब सरकारी अस्पतालों से लेकर मेडिकल स्टोर और दवा फार्मा तक जांच की जा रही है। ड्रग इंस्पेक्टरों ने मेडिसिन के होलसेल मार्केट से लेकर सरकारी अस्पतालों के आसपास रेकी तेज कर दी है। इस मामले को लेकर ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट की टीम ने शुक्रवार को चांदनी चौक के मेडिसिन होलसेल मार्केट में भी निरीक्षण किया।

सूत्रों के मुताबिक, ड्रग कंट्रोल विभाग की कई टीमें पिछले कुछ दिनों से राजधानी के अलग-अलग इलाकों में लगातार निरीक्षण कर रही हैं। जांच का फोकस यह पता लगाना है कि संदिग्ध बैच के ऑक्सिटोसिन इंजेक्शन किन-किन अस्पतालों, मेडिकल स्टोर और दवा वितरकों तक पहुंचे और कहीं उनका इस्तेमाल मरीजों के इलाज में तो नहीं हुआ।

अधिकारियों के निशाने पर फिलहाल चांदनी चौक का दवा बाजार, एम्स, सफदरजंग अस्पताल, आरएमएल अस्पताल और अन्य बड़े सरकारी अस्पतालों के आसपास स्थित मेडिकल स्टोर हैं। साथ ही, दवा फर्मों के खरीद-बिक्री रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर और सप्लाई चेन की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर दवा के नमूने भी लिए जा रहे हैं।

ड्रग कंट्रोल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि घटिया ऑक्सिटोसिन इंजेक्शन की सप्लाई के मामले को लेकर शुक्रवार को चांदनी चौक के होलसेल मेडिसिन मार्केट में भी टीम जांच के लिए गई थी, लेकिन वहां कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली। वहीं, आरएमएल से जब्त किए गए ऑक्सिटोसिन के संदिग्ध 2675 एम्प्यूल इंजेक्शन के नमूने जांच के लिए सरकारी लैब भेजे गए हैं। दावा है कि जल्द ही इसकी रिपोर्ट आएगी, जिसके बाद कानूनी तरीके से कार्रवाई की जाएगी। जांच करने वाली टीम घटिया ऑक्सिटोसिन इंजेक्शन की सप्लाई के पूरे जाल को खंगालने में जुटी है।