शिक्षकों को पढ़ाने दें

नवभारतटाइम्स.कॉम
let teachers teach education system affected by non academic tasks
मतदाता सूची और अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों में शिक्षकों की लगातार ड्यूटी लगाए जाने से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। शिक्षक देश की भावी पीढ़ी का निर्माण करता है और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जब शिक्षक कक्षा से बाहर प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त रहते हैं, तब विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होती है। कई बार कक्षाओं में अनुशासनहीनता भी बढ़ जाती है, जिससे बच्चों का शैक्षणिक नुकसान होता है। शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए शिक्षकों को उनके मूल दायित्व यानी अध्यापन पर केंद्रित रहने देना चाहिए। सर्वेक्षण, मतदाता सूची और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए अलग सरकारी कर्मचारियों की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

सुधा चौबे, ईमेल से
 सहनशीलता का महत्व

आधुनिक जीवन की भागदौड़ और बढ़ती व्यस्तता के बीच लोगों में सहनशीलता लगातार कम होती जा रही है। छोटी-छोटी बातों पर तनाव, पारिवारिक विवाद और मानसिक दबाव बढ़ने से कई लोग निराशा में गलत कदम उठा लेते हैं। किसी भी समस्या से घबराकर जीवन त्यागना समाधान नहीं हो सकता। कठिन परिस्थितियों का सामना साहस, धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ करना चाहिए। संयुक्त परिवारों के विघटन ने भी सामाजिक और भावनात्मक सहारे को कमजोर किया है। पहले परिवार के बड़े सदस्य कठिन समय में मार्गदर्शन और मनोबल प्रदान करते थे। आज ऐसी व्यवस्था कम होती जा रही है। परिवारों में संवाद बढ़ाकर इस प्रवृत्ति को काफी हद तक रोका जा सकता है।

अंजनी कुमार दाधीच, ईमेल से