पहाड़ों पर बरसात से यमुना में उफान

नवभारतटाइम्स.कॉम
heavy rains in mountains yamuna and markanda rivers swell flood threat in low lying areas
NBT न्यूज, यमुना नगर/अंबाला

पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश का असर अब यमुना के जलस्तर पर दिखाई देने लगा है। कई दिनों से पानी की कमी झेल रही यमुना नदी का जलस्तर गुरुवार की सुबह बढ़कर हथिनीकुंड बैराज पर 50,649 क्यूसेक दर्ज किया गया। सिंचाई विभाग ने बैराज से यमुना नदी में 38,379 क्यूसेक, पश्चिमी यमुना नहर में 12,010 क्यूसेक तथा उत्तर प्रदेश की पूर्वी यमुना नहर में 260 क्यूसेक पानी छोड़ा। हालांकि दोपहर करीब एक बजे जलस्तर में कुछ गिरावट दर्ज की गई। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश तेज होती है तो बैराज पर पानी की आवक और बढ़ सकती है। विभाग लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहा है और हालात पर नजर बनाए हुए है। अंबाला जिले में नारायणगढ़ के गांव गदौली के पास मारकंडा नदी में अचानक तेज उफान आने से खेतों में ट्यूबवेल ठीक करने गए 4 ग्रामीणों सहित कुल 17 लोग फंस गए। अब सभी लोग सुरक्षित है।
एसडीआरएफ के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने सूझबूझ से 13 ग्रामीणों को पानी के तेज बहाव से बाहर निकाला। वहीं, उफनते पानी में फंसे अन्य 4 ग्रामीणों को गांव के ही 5 युवकों ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला। एसडीएम नारायणगढ़ ने युवाओं की बहादुरी की तारीफ की और मानसून के मौसम में ग्रामीणों से नदी के नजदीक न जाने व सावधानी बरतने की सख्त अपील की है।

यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी से नदी किनारे बसे ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ने लगी है बैराज पर डेढ़ लाख क्यूसेक पानी पहुंचने पर मिनी फ्लड की स्थिति मानी जाती है,