Ghaziabad Landlord Accused Of Attempted Rape And Indecent Assault On Minor Domestic Helper Case Registered On Court Order
घरेलू सहायिका से अश्लील हरकतऔर दुष्कर्म के प्रयास का आरोप
नवभारतटाइम्स.कॉम•
n NBT रिपोर्ट, गाजियाबाद
वेव सिटी क्षेत्र में नाबालिग घरेलू सहायिका के साथ अश्लील हरकतें और रेप के प्रयास का मामला सामने आया है। आरोप मकान मालिक पर है। आरोप है कि काम पर नहीं भेजने पर आरोपी ने घर आकर काम पर भेजने का दबाव बनाया और मना करने पर आरोपी ने चोरी का आरोप लगाया दिया। मामले में पीड़िता के पिता ने कोर्ट के आदेश पर वेव सिटी थाने में डॉ. दीपक आनंद के खिलाफ केस दर्ज कराया है।मूलरूप से बिहार के मुजफ्फरपुर के रहने वाले एक व्यक्ति छपरौला में परिवार सहित रहते हैं। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनकी 16 वर्षीय बेटी लालकुआं क्षेत्र में डॉ. दीपक आनंद के यहां घरेलू सहायिका थी और घर में छोटे बच्चे की देखभाल भी करती थी। आरोप है कि डॉ. आनंद घर में अकेले होने पर उनकी बेटी के साथ अश्लील हरकतें करता था। वह उसके साथ छेड़छाड़ करता, जबरन अश्लील हरकत करने के लिए मजबूर करता और दुष्कर्म का प्रयास करता था। विरोध पर आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देता था। डर और भय के कारण बेटी ने लंबे समय तक यह बात किसी को नहीं बताई। किशोरी के पिता ने कहा कि बेटी के व्यवहार में बदलाव और लगातार सहमी रहने को लेकर वह कुछ समय के लिए अपने पैतृक गांव बिहार चले गए। वहां भी वह तनाव में रहती थी और अक्सर रोती थी। इसी दौरान आरोपी ने फोन कर उसे दोबारा काम पर आने के लिए कहा, लेकिन उसने मना कर दिया। मार्च 2026 में जब गाजियाबाद लौटे तो आरोपी खुद उनके घर पहुंचा और बेटी को फिर से काम पर भेजने का दबाव बनाने लगा। मना करने पर अगले दिन उस पर चोरी का झूठा आरोप लगाकर लालकुआं पुलिस चौकी बुलवा लिया। चौकी में उनकी बेटी के साथ मारपीट की गई। जब वह अपने बेटे के साथ वहां पहुंचे तो उनके साथ भी अभद्रता और मारपीट की गई। आरोप है कि उन्होंने पहले वेव सिटी थाने में शिकायत दी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने मार्च में कई बार पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचकर शिकायत की। जांच के दौरान एसीपी कार्यालय में उनके और बेटी के बयान भी दर्ज किए गए, लेकिन केस दर्ज नहीं हुआ। पुलिसकर्मी लगातार समझौते का दबाव बनाते रहे और ऐसा न करने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देते रहे। परेशान होकर उन्होंने कोर्ट का सहारा लिया।