GMRL के MD चंद्रशेखर खरे ने सोमवार को निर्माणाधीन ओल्ड गुड़गांव मेट्रो प्रॉजेक्ट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रस्तावित साइबर सिटी स्टेशन की लोकेशन को देखा। इस दौरान अधिकारियों ने उन्हें बताया कि साइबर सिटी स्टेशन को GMRL मेट्रो, रैपिड मेट्रो और NCRTC के नमो भारत कॉरिडोर के बीच सबसे बड़े इंटरचेंज के रूप में विकसित किया जाएगा। स्टेशन पर डायरेक्ट इंटरचेंज और बेहतर पैदल कनेक्टिविटी की व्यवस्था होगी, जिससे यात्रियों का ट्रांसफर टाइम कम होगा।एमडी ने 28.5 किमी लंबे गुड़गांव मेट्रो कॉरिडोर और द्वारका एक्सप्रेस-वे स्पर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने इन प्रमुख इंटरचेंज, प्रस्तावित स्टेशनों और निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान बताया गया कि सुभाष चौक, हीरो होंडा चौक, सेक्टर-10 और साइबर सिटी को ऐसे मल्टीमॉडल इंटरचेंज के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां मेट्रो, RRTS , रेलवे और बस सेवाएं आपस में जुड़ेंगी। वहीं, बजघेड़ा रोड और सेक्टर-21 मेट्रो स्टेशन को डबल डेकर बनाने की संभावना भी तलाशी जा रही है।
यूटीलिटी शिफ्टिंग जल्द होने की उम्मीद : ओल्ड गुड़गांव मेट्रो के निर्माण की राह में यूटीलिटी शिफ्टिंग बड़ा चैलेंज बना हुआ है। GMRL के एमडी के निर्देश के बाद इस काम में तेजी आने की उम्मीद है। बता दें कि गैस पाइपलाइन, वॉटर पाइपलाइन और इलेक्ट्रिसिटी पोल आदि मेट्रो निर्माण की राह में आ रहे हैं। बिना इन्हें हटाए काम नहीं बढ़ पाएगा।