डिग्री-डिप्लोमा या ट्रेनिंग के बिना पशुओं का इलाज करने वाले झोलाछाप पर सख्ती होगी। पशुधन विकास परिषद ने सभी जिलों के डीएम को पत्र लिखकर इन पर रोक लगाने और FIR दर्ज करवाने के निर्देश दिए हैं।नियमों के तहत, डिग्री या डिप्लोमा वाले डॉक्टर व कंपाउंडर ही पशुओं का इलाज, टीकाकरण या कृत्रिम गर्भाधान करवा सकते हैं। प्रशिक्षित पैरावेट भी डॉक्टर की देखरेख में यह काम कर सकते हैं। इसके उलट तमाम अनट्रेंड लोग पशुओं का इलाज कर रहे हैं। इस बारे में तमाम शिकायतें मिलने के बाद पशुधन विकास परिषद के सीईओ डॉ. पीके सिंह ने सभी डीएम को पत्र लिखा है। इसमें हर जिले में डीएम, पशु चिकित्साधिकारियों और एडीएम स्तर के अधिकारियों की टीमें बनाने को कहा गया है। ये टीमें अवैध ढंग से पशुओं का इलाज करने वालों को चिह्नित करेंगे। फिर उनके खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।