जीवंत हुई आशा की सुरीली विरासत

नवभारतटाइम्स.कॉम

लखनऊ के पारुल ग्रैमोफोन में '92 मिनट्स ऑफ आशा' कार्यक्रम आयोजित हुआ। गायिका डॉ. प्रभा श्रीवास्तव ने आशा भोंसले के सदाबहार गीतों की प्रस्तुति दी। उन्होंने चंचल और संजीदा दोनों तरह के गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम संगीत प्रेमियों के लिए यादगार रहा। दर्शकों ने गीतों पर जमकर दाद दी।

92 minutes of asha event adorned with asha bhosles evergreen songs dr prabha srivastava mesmerizes audience

nNBT न्यूज ,लखनऊ : गोमतीनगर स्थित 'पारुल ग्रैमोफोन' में रविवार को आयोजित विशेष बैठक ' 92 मिनट्स ऑफ आशा ' संगीत प्रेमियों के लिए यादगार बन गई। सूरज ढलने के साथ शुरू हुई इस महफिल में गायिका डॉ. प्रभा श्रीवास्तव ने आशा भोंसले के सदाबहार गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत 'आइये मेहरबां' और 'आओ हुज़ूर तुमको' जैसे चंचल गीतों से हुई, जिसने दर्शकों में नई ऊर्जा भर दी।

जैसे-जैसे रात परवान चढ़ी, डॉ. प्रभा ने आशा भोसले के संजीदा पहलुओं को भी बड़ी खूबसूरती से छुआ। उन्होंने 'मेरा कुछ सामान' और 'इन आंखों की मस्ती के' जैसे गीतों को पेश कर माहौल को और भी गहरा और भावपूर्ण बना दिया। 'सलोना सा सजन है' और 'चैन से हमको कभी' पर दर्शकों ने जमकर दाद दी।

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