n NBT न्यूज, नोएडा/ ग्रेटर नोएडा
शनिवार शाम और रविवार को हुई तेज बारिश ने जहां एक ओर भीषण गर्मी से राहत दिलाई, वहीं दूसरी ओर नोएडा और ग्रेटर नोएडा की जल निकासी व्यवस्था की एक बार फिर पोल खोलकर रख दी। महज कुछ घंटों की बारिश ने शहर के पॉश इलाकों से लेकर मुख्य मार्गों और करोड़ों की लागत से बने अंडरपासों को तालाब में तब्दील कर दिया। स्थिति यह रही कि सड़कों पर जलभराव के कारण न केवल पहिए थमे, बल्कि सिस्टम की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए।
ग्रेटर नोएडा में सबसे भयावह मंजर प्रमुख अंडरपासों पर देखने को मिला। साकीपुर अंडरपास पूरी तरह जलमग्न हो गया, जहां घुटनों तक पानी भरने के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यही हाल गुलिस्तानपुर और मकौड़ा अंडरपास का भी रहा। स्थानीय निवासियों का गुस्सा इस बात पर था कि प्राधिकरण ने इन अंडरपासों को सुरक्षित बनाने के लिए ऊपर टिन शेड लगाए हैं, लेकिन इसके बावजूद इनके भीतर इतना पानी भर गया कि दोपहिया वाहन बीच रास्ते में ही बंद हो गए। स्थानीय निवासी सतेंद्र सिंह ने बताया कि इन मार्गों से प्रतिदिन लाखों वाहन गुजरते हैं। करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी यदि थोड़ी सी बारिश में ये तालाब बन जाते हैं, तो यह निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव पर बड़ा सवाल है। लोगों का आरोप है कि जल निकासी के लिए लगाए गए पंप या तो खराब हैं या उनकी क्षमता बेहद कम है।
सेक्टरों की गलियों में भरा पानी : नोएडा शहर की स्थिति भी अलग नहीं थी। शनिवार की बारिश उन इलाकों के लिए आफत बनकर आई जहां पहले से ही पिछली बारिश का पानी जमा था। सेक्टरों की आंतरिक सड़कों और बाजारों में कई घंटों तक पानी भरा रहा, जिससे पैदल चलने वालों, दफ्तर जाने वालों और स्कूल से लौट रहे बच्चों को भारी मशक्कत करनी पड़ी। कई स्थानों पर नालियां ओवरफ्लो हो गईं, जिससे गंदा पानी सड़कों पर फैल गया।



