n NBT न्यूज, गुड़गांव
बढ़ते तापमान, प्रदूषण और बदलते मौसम के बीच हरियाणा सरकार ने पर्यावरण और जलवायु मोर्चे पर बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने साल 2026-27 के बजट में 100 करोड़ रुपये के शुरुआती प्रावधान के साथ हरियाणा ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंट फंड स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य ऐसे प्रॉजेक्ट्स को बढ़ावा देना है जो पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के असर को कम करने में मदद करें।
वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने बताया कि 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गुड़गांव में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित होगा। जहां सरकार की पर्यावरणीय योजनाओं और भविष्य के रोडमैप को सामने रखेगी। यह फंड सिर्फ पेड़ लगाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके जरिये इलेक्ट्रिक और शून्य उत्सर्जन वाहनों, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा बचत, जल संरक्षण, शहरी हरित क्षेत्र बढ़ाने और जलवायु अनुकूल खेती जैसे क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इस बार विश्व पर्यावरण दिवस की थीम ‘जलवायु के लिए-हमारे भविष्य के लिए’ रखी गई है। यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए भी मिशन मोड में काम करने की घोषणा की है। 313 किमी लंबे नदी क्षेत्र में सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता बढ़ाने, औद्योगिक प्रदूषण पर रियल टाइम निगरानी जैसे कदम उठाए जाएंगे। 2026-27 के दौरान यमुना में गिरने वाले नालों के पानी का वैज्ञानिक उपचार सुनिश्चित करना लक्ष्य है।


