n NBT न्यूज, गुड़गांव
एक ओर जहां खेल विभाग की ओर से खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से करीब एक महीने पहले खेल नर्सरियों की योजना शुरू की गई। हर महीने 75 हजार रुपये का अनुदान भी इन नर्सरियों को दिया जाता है। वहीं जिले की कई खेल नर्सरियों में अनियमितता सामने आ रही है। जैकबपुरा स्थित गवर्नमेंट स्कूल में चल रही वेटलिफ्टिंग और नेहरू स्टेडियम में चल रही लॉन टेनिस की नर्सरी बिना कोच और बच्चों के ही चलाई जा रही थी। विभाग की ओर से इनको बंद करा दिया गया है। वहीं गांव बसई, दमदमा, मऊ लोकरी और सोहना क्षेत्र की पंचायत की दो खेल नर्सरियों की जांच में भी तमाम अनियमितताएं सामने आईं। जिसके बाद उन सभी के संचालकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जिले में पंचायतों और स्कूलों के माध्यम से विभिन्न खेलों की 37 प्राइवेट नर्सरियां संचालित की जा रही हैं। इनको विभाग की ओर से 75 हजार रुपये प्रतिमाह अनुदान दिया जाता है। वहीं करीब 25 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने का नियम तय किया गया है। इसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रतिभावान खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है। विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ नर्सरियों में कोच नहीं हैं और खिलाड़ियों की उपस्थिति भी कम है। वहीं कई स्थानों पर नियमित प्रशिक्षण नहीं हो रहा है, संचालक मनमाने ढंग से प्रशिक्षण कराते हैं। वहीं कुछ जगहों पर खेल उपकरणों और खेल के लिए मैदान न होने की भी शिकायत मिल रही थी। जिसके बाद विभाग ने औचक निरीक्षण किया।
खिलाड़ियों के भविष्य के साथ नहीं होने दिया जाएगा खिलवाड़: जिला खेल अधिकारी आरती कोहली ने बताया कि खिलाड़ियों के भविष्य से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जिन नर्सरियों में नियमों का पालन नहीं हो रहा है, वहां सुधार के लिए निर्देश दिए गए हैं। यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित नर्सरियों और प्रशिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि खेल नर्सरियों में खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, संसाधन और प्रतिस्पर्धी माहौल उपलब्ध हो सके।


