n NBT न्यूज, लखनऊ: हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने राज्य निर्वाचन आयोग से पूछा है कि प्रदेश में पंचायत चुनाव कब करवाए जाएंगे। आयोग से अगली सुनवाई पर चुनाव कार्यक्रम पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है। साथ ही राज्य सरकार से पंचायत चुनाव के लिए गठित अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट भी पेश करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी।
न्यायमूर्ति शेखर बी सराफ व न्यायमूर्ति एके चौधरी की पीठ ने बुधवार को यह आदेश स्थानीय अधिवक्ता ओम प्रकाश प्रजापति की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर पारित किया। याचिका में ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने संबंधी राज्य सरकार के 25 मई के आदेश को चुनौती दी गई है। कहा गया है कि उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम की धारा 12 के तहत प्रधानों का कार्यकाल उनके शपथ लेने के पश्चात से सिर्फ पांच वर्ष का ही हो सकता है, लेकिन सरकार ने समय पर चुनाव न करवाकर मौजूदा प्रधानों को ही प्रशासक नियुक्त कर दिया और उनका कार्यकाल गलत तरीके से अनिश्चितकाल तक के लिए बढ़ा दिया गया। याचिका में मांग की गई है कि यदि पंचायत चुनाव समय पर नहीं हो पा रहे तो एडीओ पंचायत या किसी अन्य अधिकारी को प्रशासक नियुक्त किया जाए।


