यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) ने 11 और 12 मार्च को सेक्शन 301 के तहत दो जांच शुरू की थीं। इसके निशाने पर भारत सहित 60 देश रखे गए। कहा गया कि इन देशों में जबरन श्रम कराने और अत्यधिक औद्योगिक क्षमता से जुड़े मसले हैं, जिनके चलते यहां से होने वाले आयात से अमेरिकी उद्योग के हितों पर आंच आने का मामला है। USTR को दिए जवाब में भारत ने फोर्स्ड लेबर से जुड़े नियम के तहत लगाए गए आरोपों को खारिज किया था और कहा था कि ऐसे मामलों को द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए हो रही बातचीत के तहत रखा जाना चाहिए। हालांकि USTR ने 2 जून को भारत, बांग्लादेश, चीन, श्रीलंका, वियतनाम और मलयेशिया सहित 54 देशों से आने वाले माल 12.5% की अतिरिक्त ड्यूटी लगाना तय किया।


