n NBT रिपोर्ट, नई दिल्ली
गर्मी में फिर एक बार दिल्लीवालों को बिजली का झटका लगने वाला है। ऐसा इसलिए कि दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (डीईआरसी) ने बिजली वितरण कंपनियों को फिर एक बार पावर परचेजिंग एडजेस्टमेंट चार्ज (पीपीएसी) में बढ़ोतरी का आदेश दिया है। वेस्ट, सेंट्रल और साउथ दिल्ली में बिजली सप्लाई करने वाली बीआरपीएल को आयोग ने बिजली बिलों पर 17.94 और ट्रांस यमुना क्षेत्र में बिजली सप्लाई करने वाली बीवाईपीएल को 17.43 प्रतिशत और नॉर्थ व बाहरी दिल्ली में बिजली सप्लाई करने वाली टाटा पावर (डीडीएल) को 16 प्रतिशत पीपीएसी चार्ज में बढ़ोतरी का आदेश दिया है।
डीईआरसी के अफसरों के अनुसार दिल्ली में बिजली सप्लाई करने वाली बीआरपीएल, बीवाईपीएल और टाटा पावर (डीडीएल) ने आयोग के समक्ष पीपीएसी चार्ज में बढ़ोतरी की मांग की थी। बिजली वितरण कंपनियों का तर्क था कि उन्होंने अप्रैल जो पावर परचेजिंग की है, उसकी लागत सामान्य से कहीं अधिक है, जिसका भार कंपनियों पर पड़ रहा है। इसलिए पीपीएसी चार्ज में बढ़ोतरी की जाए। उनकी मांगों पर काफी विचार -विमर्श के बाद आयोग ने पीपीएसी चार्ज में बढ़ोतरी का आदेश दिया है। अप्रैल में किए गए पावर परचेजिंग के हिसाब से बीआरपीएल और बीवाईपीएल ने 35 प्रतिशत से अधिक पीपीएसी चार्ज में बढ़ोतरी की मांग की थी। लेकिन, यह चार्ज सामान्य से अधिक है। इसलिए आयोग ने एक तर्कसंगत दर तय कर बीआरपीएल को 17.94 प्रतिशत और बीवाईपीएल को 17.43 प्रतिशत पीपीएसी चार्ज वसूल करने की छूट दी है।
नई दरें अगस्त तक होंगी लागू: बिजली वितरण कंपनियों ने इस साल यह दूसरी बार पीपीएसी चार्ज में बढ़ोतरी की है। पीपीएसी की नई दरें अगस्त तक लागू होगी। इसके बाद फिर से एक बार पावर एडजस्टमेंट चार्ज का आकलन किया जाएगा। अगर बिजली कंपनियां यह दावा करती हैं कि पावर परचेज चार्ज तय कीमतों से अधिक है, तो दिल्ली वालों को अगस्त के बाद भी पीपीएसी चार्ज देना होगा।


