पेंशनरों से जुड़ी 10 सूत्रीय मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी

नवभारतटाइम्स.कॉम

पेंशनरों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। वित्त विधेयक 2025 में पुराने पेंशनरों की अनदेखी पर नाराजगी जताई गई है। 8वें वेतन आयोग के दायरे में लाने, पेंशन वृद्धि, आयकर छूट और कोरोना काल के डीए एरियर के भुगतान की मांग की गई है।

warning of agitation if 10 point demands of pensioners are not met

n NBT न्यूज, लखनऊः गोमती नगर में शुक्रवार को पेंशनर्स वेलफेयर असोसिएशन की बैठक हुई। इसमें पेंशनरों से जुड़े 10 सूत्रीय अजेंडे पर विस्तृत चर्चा की गई। पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन की अध्यक्षता में हुई बैठक में पेंशनरों से जुड़े 10 सूत्रीय अजेंडे पर चर्चा की गई। असोसिएशन के महामंत्री दिलीप कुमार सक्सेना व अन्य वक्ताओं ने वित्त विधेयक -2025 में पुराने पेंशनरों की अनदेखी किए जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। मांगों को पूरा न किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी।

बैठक में प्रमुखता से मांग की गई कि वित्त विधेयक से भेदभाव वाले अंश को हटाकर सभी पेंशनरों को 8वें वेतन आयोग के दायरे में लाया जाए। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार लंबी सेवा वालों के वेतन को फंडेड मानने, 65 वर्ष की आयु के बाद हर पांच साल पर 5 प्रतिशत पेंशन वृद्धि करने, पेंशन राशि को आयकर मुक्त रखने तथा कोरोना काल के 18 महीने के डीए एरियर का तत्काल भुगतान करने की मांग उठाई गई।

इसके अलावा पेंशनरों ने रेल किराए में 50 प्रतिशत छूट की बहाली, आयुष्मान भारत योजना के तहत कैशलेस इलाज की सीमा बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने, महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत से अधिक होने पर उसे मूल पेंशन में मर्ज करने, मेडिकल रिमंबर्समेंट का समय पर भुगतान करने और वृद्ध पेंशनरों के लिए जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया को सरल बनाने की भी पुरजोर वकालत की।